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सियासी दलों की अब जम्मू-कश्मीर पर नजर
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जम्मू। देश में पांच राज्यों के विधानसभा चुनाव के बाद अब सियासी दलों की नजर जम्मू-कश्मीर पर है। परिसीमन की अंतरिम रिपोर्ट और आगामी विधानसभा चुनाव को देखते हुए जम्मू-कश्मीर में राजनीतिक समीकरण बदल रहे हैं। सियासी दलों ने अपनी सक्रियता बढ़ा दी है। कई प्रमुख दलों के बड़े नेता जम्मू में डेरा डाल रहे हैं। आगामी समय में यह गतिविधियां और बढ़ने की उम्मीद है।
हाल ही में नेकां अध्यक्ष व सांसद डॉ. फारूक अब्दुल्ला ने जम्मू संभाग में दौरा कर पार्टी कैडर को लोगों के बीच गतिविधियां बढ़ाने पर जोर दिया। नेकां का प्रांतीय कैडर विभिन्न प्रकोष्ठ के साथ नियमित बैठकें और सभाएं कर आगामी चुनाव के लिए अधिक से अधिक लोगों को अपने साथ जोड़ने के लिए प्रयास कर रहा है। इसमें पार्टी के सभी विंग में सक्रियता को बढ़ाया जा रहा है। नेकां के जम्मू प्रांतीय अध्यक्ष रतन लाल गुप्ता ने कहा कि पार्टी गतिविधियों को बढ़ाया गया है। चुनाव में नेकां बेहतर प्रदर्शन करेगी। इसी तरह कांग्रेस ने भी अपनी गतिविधियां तेज कर दी हैं। मौजूदा समय में एआईसीसी की प्रभारी रजनी पाटिल जम्मू कश्मीर के छह दिवसीय दौरे पर हैं। पार्टी की तैयारियों का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि खुद प्रभारी ब्लॉक और बूथ स्तर पर पहुंचकर कार्यकर्ताओं से रूबरू हो रही हैं। पार्टी ने अपना सदस्यता अभियान भी जारी रखा है। इसे डिजिटल का स्वरूप दिया जा रहा है। इसमें अधिक से अधिक नए लोगों को पार्टी के साथ जोड़ा जा रहा है। पाटिल पहले ही देश के अन्य राज्यों के साथ जम्मू-कश्मीर में चुनाव में बेहतर प्रदर्शन करने और सरकार बनाने के दावे कर चुकी हैं।
कश्मीर से हटकर सियासत का केंद्र बना जम्मू
जम्मू। जम्मू कश्मीर के पुनर्गठन के अलावा परिसीमन आयोग की मसौदा रिपोर्ट में जम्मू संभाग के हुए राजनीतिक सशक्तिकरण से कश्मीर से हटकर जम्मू प्रदेश की सियासत का मुख्य केंद्र बिंदु बन गया है। राजनीतिक दल व नेता जम्मू से ही राजनीतिक संदेश दे रहे हैं। उल्लेखनीय है कि पांच अगस्त 2019 से पहले कश्मीर ही प्रदेश में सियासत का मुख्य केंद्र बिंदु बना रहा है।
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वहीं, जम्मू-कश्मीर में इसी साल विधानसभा चुनाव की भनक से प्रदेश में सियासी दलों ने सक्रियता बढ़ा दी है। राष्ट्रीय अध्यक्ष जगत प्रकाश नड्ढा के दिशा निर्देशों के तहत भाजपा ने जन संपर्क अभियान शुरू कर दिया है। वहीं पार्टी के सांसद जुगल किशोर शर्मा व पूर्व विधायकों ने जन बैठकों का सिलसिला भी शुरू कर दिया है। वहीं पीडीपी अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती 19 से 23 मार्च तक जम्मू संभाग का दौरा कर पार्टी गतिविधियों को गति देंगी।
भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष रवींद्र रैना का कहना है कि परिसीमन आयोग द्वारा अंतिम रिपोर्ट जारी होने के छह महीने की अवधि में प्रदेश में विधानसभा चुनाव हो सकते हैं। भाजपा इस बार जम्मू-कश्मीर में पूर्ण बहुमत वाली सरकार का गठन करने के लक्ष्य से विधानसभा चुनाव में उतरेगी। इसके लिए होमवर्क शुरू कर दिया है। अन्य पार्टियों के नेता व कार्यकर्ताओं के अलावा समाज के विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े लोग आए दिन भाजपा से जुड़ रहे हैं। राष्ट्रीय अध्यक्ष जगत प्रकाश नड्ढा के दिशा निर्देशों के तहत जन संपर्क अभियान बूथ स्तर पर शुरू कर दिया गया है। वहीं भाजपा के सांसद जुगल किशोर शर्मा ने बुधवार को समैलपुर में जन बैठक में पार्टी की नीतियों व कार्यक्रमों की लोगों को जानकारी दी।
वहीं, पीडीपी अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती 19 से 23 मार्च तक जम्मू संभाग के दौरे पर आएंगी। 19 को महबूबा मुफ्ती का उधमपुर में जन बैठक करने के अलावा 20 को आरएस पुरा व 22 मार्च को जम्मू पश्चिम विधानसभा क्षेत्र में जन रैली करना प्रस्तावित है। पीडीपी के वरिष्ठ नेता सुखजिंद्र सिंह ने महबूबा मुफ्ती के आगामी दौरे की पुष्टि की है। उल्लेखनीय है कि कांग्रेस के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व केंद्रीय मंत्री गुलाम नबी आजाद भी जम्मू संभाग से ही राजनीतिक सक्रियता बनाए हुए हैं।
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हाल ही में नेकां अध्यक्ष व सांसद डॉ. फारूक अब्दुल्ला ने जम्मू संभाग में दौरा कर पार्टी कैडर को लोगों के बीच गतिविधियां बढ़ाने पर जोर दिया। नेकां का प्रांतीय कैडर विभिन्न प्रकोष्ठ के साथ नियमित बैठकें और सभाएं कर आगामी चुनाव के लिए अधिक से अधिक लोगों को अपने साथ जोड़ने के लिए प्रयास कर रहा है। इसमें पार्टी के सभी विंग में सक्रियता को बढ़ाया जा रहा है। नेकां के जम्मू प्रांतीय अध्यक्ष रतन लाल गुप्ता ने कहा कि पार्टी गतिविधियों को बढ़ाया गया है। चुनाव में नेकां बेहतर प्रदर्शन करेगी। इसी तरह कांग्रेस ने भी अपनी गतिविधियां तेज कर दी हैं। मौजूदा समय में एआईसीसी की प्रभारी रजनी पाटिल जम्मू कश्मीर के छह दिवसीय दौरे पर हैं। पार्टी की तैयारियों का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि खुद प्रभारी ब्लॉक और बूथ स्तर पर पहुंचकर कार्यकर्ताओं से रूबरू हो रही हैं। पार्टी ने अपना सदस्यता अभियान भी जारी रखा है। इसे डिजिटल का स्वरूप दिया जा रहा है। इसमें अधिक से अधिक नए लोगों को पार्टी के साथ जोड़ा जा रहा है। पाटिल पहले ही देश के अन्य राज्यों के साथ जम्मू-कश्मीर में चुनाव में बेहतर प्रदर्शन करने और सरकार बनाने के दावे कर चुकी हैं।
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कश्मीर से हटकर सियासत का केंद्र बना जम्मू
जम्मू। जम्मू कश्मीर के पुनर्गठन के अलावा परिसीमन आयोग की मसौदा रिपोर्ट में जम्मू संभाग के हुए राजनीतिक सशक्तिकरण से कश्मीर से हटकर जम्मू प्रदेश की सियासत का मुख्य केंद्र बिंदु बन गया है। राजनीतिक दल व नेता जम्मू से ही राजनीतिक संदेश दे रहे हैं। उल्लेखनीय है कि पांच अगस्त 2019 से पहले कश्मीर ही प्रदेश में सियासत का मुख्य केंद्र बिंदु बना रहा है।
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वहीं, जम्मू-कश्मीर में इसी साल विधानसभा चुनाव की भनक से प्रदेश में सियासी दलों ने सक्रियता बढ़ा दी है। राष्ट्रीय अध्यक्ष जगत प्रकाश नड्ढा के दिशा निर्देशों के तहत भाजपा ने जन संपर्क अभियान शुरू कर दिया है। वहीं पार्टी के सांसद जुगल किशोर शर्मा व पूर्व विधायकों ने जन बैठकों का सिलसिला भी शुरू कर दिया है। वहीं पीडीपी अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती 19 से 23 मार्च तक जम्मू संभाग का दौरा कर पार्टी गतिविधियों को गति देंगी।
भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष रवींद्र रैना का कहना है कि परिसीमन आयोग द्वारा अंतिम रिपोर्ट जारी होने के छह महीने की अवधि में प्रदेश में विधानसभा चुनाव हो सकते हैं। भाजपा इस बार जम्मू-कश्मीर में पूर्ण बहुमत वाली सरकार का गठन करने के लक्ष्य से विधानसभा चुनाव में उतरेगी। इसके लिए होमवर्क शुरू कर दिया है। अन्य पार्टियों के नेता व कार्यकर्ताओं के अलावा समाज के विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े लोग आए दिन भाजपा से जुड़ रहे हैं। राष्ट्रीय अध्यक्ष जगत प्रकाश नड्ढा के दिशा निर्देशों के तहत जन संपर्क अभियान बूथ स्तर पर शुरू कर दिया गया है। वहीं भाजपा के सांसद जुगल किशोर शर्मा ने बुधवार को समैलपुर में जन बैठक में पार्टी की नीतियों व कार्यक्रमों की लोगों को जानकारी दी।
वहीं, पीडीपी अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती 19 से 23 मार्च तक जम्मू संभाग के दौरे पर आएंगी। 19 को महबूबा मुफ्ती का उधमपुर में जन बैठक करने के अलावा 20 को आरएस पुरा व 22 मार्च को जम्मू पश्चिम विधानसभा क्षेत्र में जन रैली करना प्रस्तावित है। पीडीपी के वरिष्ठ नेता सुखजिंद्र सिंह ने महबूबा मुफ्ती के आगामी दौरे की पुष्टि की है। उल्लेखनीय है कि कांग्रेस के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व केंद्रीय मंत्री गुलाम नबी आजाद भी जम्मू संभाग से ही राजनीतिक सक्रियता बनाए हुए हैं।