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एसएमजीएस जम्मू और बाल अस्पताल बेमिना में बनेंगे उत्कृष्टता केंद्र
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जम्मू। जम्मू-कश्मीर में मातृत्व और बाल चिकित्सा को मजबूत बनाया जा रहा है। इस कड़ी में एसएमजीएस अस्पताल जम्मू और 500 बिस्तर वाले बाल अस्पताल बेमिना में एक-एक उत्कृष्टता केंद्र (सेंटर ऑफ एक्सीलेंसी) स्थापित किया जा रहा है। अपनी तरह के इन पहले केंद्रों में जिला बाल केंद्रों को जोड़कर टेली आईसीयू आदि आधुनिक चिकित्सा सुविधाएं मुहैया करवाई जाएंगी। इसके अलावा प्रदेश में 50 से अधिक मातृत्व व बाल आईसीयू केंद्र स्थापित किए जा रहे हैं, जिससे गंभीर मरीजों को जिला स्तर पर ही उचित रोगी देखभाल सुविधाएं मिल सकेंगी। उपराज्यपाल मनोज सिन्हा बुधवार को एसएमजीएस अस्पताल जम्मू से उत्कृष्टता केंद्र और आईसीयू केंद्र के ई-नींव पत्थर रखेंगे। इस दौरान अन्य चिकित्सा योजनाओं का भी उद्घाटन होगा।
मातृत्व आईसीयू में जीएमसी अनंतनाग, सीएचसी बिजबिहाड़ा, डीएच बांदीपोरा, जीएमसी बारामुला में 10-10, एसडीएच सोपोर में 20, जीएमसी डोडा में 10, एसडीएच भद्रवाह में 4, डीएच गांदरबल में 10, एसएमजीएस जम्मू में 30, जीएन अस्पताल जम्मू में 8, सीएचसी कोटभलवाल में 4, जीएमसी कठुआ में 10, एसडीएच बसोहली में 4, डीएच किश्तवाड़ में 7, डीएच कुलगाम में 10, एसडीएच कुपवाड़ा में 10, डीएच पुंछ में 8, डीएच पुलवामा में 10, जीएमसी राजोरी में 10, डीएच रामबन में 8, रियासी में 8, डीएच सांबा में 7, डीएच शोपियां में 10, जेएलएनएम अस्पताल में 10, जीएमसी श्रीनगर में 25 और डीएच उधमपुर में 8 आईसीयू बेड स्थापित किए जाएंगे। इसी तरह करीब पांच करोड़ रुपये की लागत से बाल हाईब्रिड आईसीयू केंद्र स्थापित किए जा रहे हैं। यह 12 बिस्तर वाले हाईब्रिड आईसीयू होंगे, जिसमें 8 बेड एचडीयू और चार आईसीयू होंगे। ये मेडिकल कॉलेज अनंतनाग, बारामुला, डोडा, कठुआ और राजोरी के अलावा जिला अस्पतालों में गांधीनगर जम्मू, जेएलएनएम श्रीनगर, डीएच बांदीपोरा, गांदरबल, किश्तवाड़, पुंछ, पुलवामा, रियासी, शोपियां, उधमपुर, डीएच बडगाम, डीएच कुलगाम, डीएच रामबन, डीएच सांबा, डीएच हंदवाड़ा में आईसीयू स्थापित होंगे। इसी तरह 20 से 30 बिस्तरों की क्षमता वाले समर्पित बाल वार्डों को जिला स्तर पर स्थापित किया जाएगा।
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मातृत्व आईसीयू में जीएमसी अनंतनाग, सीएचसी बिजबिहाड़ा, डीएच बांदीपोरा, जीएमसी बारामुला में 10-10, एसडीएच सोपोर में 20, जीएमसी डोडा में 10, एसडीएच भद्रवाह में 4, डीएच गांदरबल में 10, एसएमजीएस जम्मू में 30, जीएन अस्पताल जम्मू में 8, सीएचसी कोटभलवाल में 4, जीएमसी कठुआ में 10, एसडीएच बसोहली में 4, डीएच किश्तवाड़ में 7, डीएच कुलगाम में 10, एसडीएच कुपवाड़ा में 10, डीएच पुंछ में 8, डीएच पुलवामा में 10, जीएमसी राजोरी में 10, डीएच रामबन में 8, रियासी में 8, डीएच सांबा में 7, डीएच शोपियां में 10, जेएलएनएम अस्पताल में 10, जीएमसी श्रीनगर में 25 और डीएच उधमपुर में 8 आईसीयू बेड स्थापित किए जाएंगे। इसी तरह करीब पांच करोड़ रुपये की लागत से बाल हाईब्रिड आईसीयू केंद्र स्थापित किए जा रहे हैं। यह 12 बिस्तर वाले हाईब्रिड आईसीयू होंगे, जिसमें 8 बेड एचडीयू और चार आईसीयू होंगे। ये मेडिकल कॉलेज अनंतनाग, बारामुला, डोडा, कठुआ और राजोरी के अलावा जिला अस्पतालों में गांधीनगर जम्मू, जेएलएनएम श्रीनगर, डीएच बांदीपोरा, गांदरबल, किश्तवाड़, पुंछ, पुलवामा, रियासी, शोपियां, उधमपुर, डीएच बडगाम, डीएच कुलगाम, डीएच रामबन, डीएच सांबा, डीएच हंदवाड़ा में आईसीयू स्थापित होंगे। इसी तरह 20 से 30 बिस्तरों की क्षमता वाले समर्पित बाल वार्डों को जिला स्तर पर स्थापित किया जाएगा।
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