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जम्मू-श्रीनगर हाइवे पर छह किम लंबे पुल और चार किमी सुरंग का काम शुरू
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जम्मू। जम्मू-श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग को हर मौसम में खुला रखने की कवायद के तहत खूनी नाला से मगरकोट तक छह किलोमीटर लंबे पुल का निर्माण कार्य शुरू हो गया है। यहीं नहीं डिगडोल से चार किलोमीटर लंबी सुरंग को खोदने के काम का भी आगाज कर दिया गया है। करीब तीन साल में इन दोनों बड़ी कवायद के पूरा होने के बाद जम्मू-श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग पर हर मौसम में यातायात सुचारु रूप से चल पाएगा।
पंजाब स्थित सीगल इंडिया लिमिटेड कंपनी को एनएचएआई ने छह किलोमीटर लंबे पुल के निर्माण का ठेका आवंटित किया है। जम्मू-श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग प्रदेश में सामरिक और आर्थिक दृष्टि से बहुत महत्वपूर्ण है। बनिहाल-काजीगुंड टनल व चिनैनी टनल जिसे डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी टनल के नाम से जाना जाता है, के निर्माण के बाद भी रामबन जिले में पंथेयाल, कैफेटेरिया मोड़, मारूप, सेरी व खूनी नाला के आसपास के क्षेत्रों में बरसात और सर्दियो में बर्फबारी, भूस्खलन से हाईवे कई-कई दिन बंद रहने से काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
ऐसे में एनएचएआई ने भूस्खलन वाले इलाको को बाईपास करने के लिए छह किलोमीटर लंबे पुल और चार किलोमीटर लंबी सुरंग जोकि डिगडोल से शुरू हो रही है के निर्माण का निर्णय लिया है। एनएचएआई के क्षेत्रीय अधिकारी रोहिन गुप्ता का कहना है कि छह किलोमीटर लंबे पुल व डिगडोल सुरंग के निर्माण के बाद जम्मू-श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग हर मौसम में खुला रहेगा।
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पंजाब स्थित सीगल इंडिया लिमिटेड कंपनी को एनएचएआई ने छह किलोमीटर लंबे पुल के निर्माण का ठेका आवंटित किया है। जम्मू-श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग प्रदेश में सामरिक और आर्थिक दृष्टि से बहुत महत्वपूर्ण है। बनिहाल-काजीगुंड टनल व चिनैनी टनल जिसे डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी टनल के नाम से जाना जाता है, के निर्माण के बाद भी रामबन जिले में पंथेयाल, कैफेटेरिया मोड़, मारूप, सेरी व खूनी नाला के आसपास के क्षेत्रों में बरसात और सर्दियो में बर्फबारी, भूस्खलन से हाईवे कई-कई दिन बंद रहने से काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
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ऐसे में एनएचएआई ने भूस्खलन वाले इलाको को बाईपास करने के लिए छह किलोमीटर लंबे पुल और चार किलोमीटर लंबी सुरंग जोकि डिगडोल से शुरू हो रही है के निर्माण का निर्णय लिया है। एनएचएआई के क्षेत्रीय अधिकारी रोहिन गुप्ता का कहना है कि छह किलोमीटर लंबे पुल व डिगडोल सुरंग के निर्माण के बाद जम्मू-श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग हर मौसम में खुला रहेगा।
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