जम्मू कश्मीर: कोरोना की तीसरी लहर से निपटने के लिए एमबीबीएस के 60 छात्रों की सेवाएं लेगी सरकार, जीएमसी प्रशासन ने सूची की तैयार
जम्मू-कश्मीर में कोरोना संक्रमण का प्रकोप लगातार बढ़ता जा रहा है। जीएमसी जम्मू और अन्य एसोसिएटेड अस्पतालों के कोविड समर्पित केंद्रों में आपात स्थिति को देखते हुए अगले तीन माह के लिए एमबीबीएस अंतिम वर्ष के विद्यार्थियों, जीएनएम और बीएससी नर्सों की सेवाएं लेने की तैयारी की जा रही है।
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राजकीय मेडिकल कालेज (जीएमसी) जम्मू और अन्य एसोसिएटेड अस्पतालों के कोविड समर्पित केंद्रों में आपात स्थिति को देखते हुए अगले तीन माह के लिए एमबीबीएस अंतिम वर्ष के विद्यार्थियों, जीएनएम और बीएससी नर्सों की सेवाएं लेने की तैयारी की जा रही है। इसके लिए जीएमसी प्रशासन ने सूची तैयार कर ली है। जीएमसी में एमबीबीएस बैच के अंतिम वर्ष में कुल 180 विद्यार्थी हैं, जिनमें से 33 फीसदी के हिसाब से 60 विद्यार्थी और एएमएटी स्कूल से 17 जीएनएम नर्सों को लिया जाएगा। इसके अलावा निजी पैरा मेडिकल संस्थानों से भी जीएनएम और बीएससी छात्राओं की सेवाएं ली जाएंगी।
जम्मू के एसोसिएटेड अस्पतालों की बात करें तो जीएमसी जम्मू में हाई डिपेंडेंसी यूनिट (एचडीयू) और आइसोलेशन में 30-30 और वार्ड तीन में 40 बिस्तरों को मिलाकर 100 कोविड समर्पित बिस्तर हैं। इसी तरह डीआरडीओ जम्मू में 500 और एमसीएच गांधीनगर अस्पताल में कोविड समर्पित 200 बिस्तर हैं।
इसके साथ सीडी अस्पताल को बैकअप में तैयार रखा गया है। हाल ही में उपराज्यपाल की मंजूरी के बाद एनएचएम के तहत इमरजेंसी कोविड रिस्पांस पैकेज (ईसीआरपी) में जीएमसी और एसोसिएटेड अस्पतालों में 550 कर्मियों का तीन माह का सेवा विस्तार किया गया है। इसमें 200 एनओ, 300 नर्सें और 50 टेक्नीशियन हैं।
इससे भी कोविड समर्पित केंद्रों में कुछ हद तक स्टाफ की कमी पूरी हुई है। सरकार के नए आदेश में एमबीबीएस, जीएनएम और बीएससी नर्सों की कोविड समर्पित केंद्रों में तीन माह के लिए सेवाएं ली जा सकती हैं। हालांकि एएमटी स्कूल जम्मू की बात करें तो यहां बड़ी संख्या में कश्मीर के विद्यार्थी भी शिक्षा ले रहे हैं।
ऐसे में वहां के बच्चों को कोविड रोगी देखभाल में लगाना मुश्किल होगा। जम्मू के एसोसिएटेड अस्पतालों में ही करीब 500 डॉक्टर और पैरा मेडिकल स्टाफ संक्रमित हो चुके हैं। जिससे थियेटर और कोविड रोगी देखभाल प्रबंधन में मुश्किलें आ रही हैं। अतिरिक्त स्टाफ की तैनाती कोविड मरीजों के लिए राहत होगी। इसमें एमबीबीएस और नर्सिंग केंद्रों से अंतिम वर्ष से 33 फीसदी की लोगों को लगाने का प्रावधान है।
पिछली बार का प्रोत्साहन न मिलने का मलाल
उपराज्यपाल ने दूसरी लहर के दौरान तीन माह सेवाएं लेने वाले डाक्टरों और पैरा मेडिकल स्टाफ को विशेष प्रोत्साहन देने की घोषणा की थी। इसमें पीजी डाक्टर को 10 हजार, मेडिकल आफिसर को 7500 और पैरा मेडिकल कर्मी को 5000 रुपये तीन माह के हिसाब से प्रोत्साहन दिया जाना था। लेकिन आज तक ये प्रोत्साहन कोविड वारियर्स को नहीं मिल पाया है। इस बार भी सरकार ने तीन माह की कोविड सेवाओं के लिए विशेष प्रोत्साहन की घोषणा की है।