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डोगरा शासक और राज्य पुनर्गठन के बारे में भी पढ़ेंगे विद्यार्थी
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जम्मू। जम्मू-कश्मीर के स्कूलों में विद्यार्थी अब प्रदेश के समग्र इतिहास के साथ जम्मू-कश्मीर पुनर्गठन अधिनियम भी पढ़ेंगे। जम्मू-कश्मीर बोर्ड ऑफ स्कूल एजुकेशन ने 8वीं से 10वीं कक्षा की इतिहास की पुस्तक में जम्मू-कश्मीर से जुड़े अध्याय शामिल किए हैं। इन कक्षाओं की इतिहास, भूगोल और नागरिक शास्त्र की पुस्तक में नए अध्याय जोड़े गए हैं, जो नए सत्र से स्कूलों में पढ़ाए जाएंगे।
जम्मू-कश्मीर राज्य पुनर्गठन अधिनियम-2019 लागू होने के बाद सरकार ने इतिहास की पुस्तकों में नया प्रकाशन जारी किया है। इसमें जम्मू-कश्मीर के इतिहास को पाठ्यक्रम में जोड़ा गया है। पुस्तकों के कवर फोटो पर भी जम्मू-कश्मीर की ऐतिहासिक इमारतों की तस्वीरों को दर्शाया गया है, जिसमें हरि निवास, बाहु फोर्ट आदि इमारतों को दिखाया गया है। कक्षा 10वीं की इतिहास की पुस्तक में जोड़े अध्याय में ‘तत्कालीन राज्य का आधुनिकीकरण, स्वतंत्र युग के बाद: जम्मू-कश्मीर आधुनिकीकरण की राह पर’ जोड़ा गया है। इसमें डोगरा शासन के पतन और नए सरकार के गठन, पर्यटन और फिल्म उद्योग को आकर्षित करने के लिए कश्मीर चलो अभियान, भूमि सुधार के परिणाम जैसे विषय हैं। वहीं नागरिक शास्त्र की पुस्तक में जम्मू और कश्मीर पुनर्गठन अधिनियम, 2019 जोड़ा गया है, जिसमें इस अधिनियम के लागू होने से प्रदेश में हुए बदलावों को बताया है। वहीं इन किताबों से न केवल विद्यार्थियों को जम्मू-कश्मीर के इतिहास की जानकारी मिलेगी, वहीं धरोहरों का भी पता चलेगा।
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महाराजा गुलाब सिंह के बारे में पढ़ेंगे छात्र
8वीं की इतिहास की पुस्तक में तत्कालीन जम्मू-कश्मीर का गठन और डोगरा शासन का अध्याय जोड़ा गया है। इसमें महाराजा गुलाब सिंह, महाराजा हरि सिंह और उनके द्वार किए समाज सुधार के कार्यों को बताया गया है। इसके साथ प्रदेश के विरासत स्थल जिसमें बाबा जित्तो मंदिर झिड़ी, लोक नृत्य हरना के बारे में भी बताया गया है। कक्षा नौवीं की इतिहास की पुस्तक में ’रियासतों का एकीकरण : जम्मू और कश्मीर का एक केस स्टडी’ अध्याय को जोड़ा गया।
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कोट
कक्षा आठवीं से दसवीं तक की इतिहास की पुस्तकों में जम्मू-कश्मीर से जुड़े नए अध्यायों को शामिल किया गया है। प्रदेश के छात्रों को देश के इतिहास के साथ-साथ प्रदेश की राजनीतिक, सामाजिक शख्सियतों समेत डोगरा शासकों का इतिहास पढ़ने को मिलेगा। इन पुस्तकों में राज्य पुनर्गठन अधिनियम को भी जोड़ा गया है।
-डॉ. यासिर अहमद सरीवाल, अतिरिक्त निदेशक जेके बोर्ड जम्मू
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जम्मू-कश्मीर राज्य पुनर्गठन अधिनियम-2019 लागू होने के बाद सरकार ने इतिहास की पुस्तकों में नया प्रकाशन जारी किया है। इसमें जम्मू-कश्मीर के इतिहास को पाठ्यक्रम में जोड़ा गया है। पुस्तकों के कवर फोटो पर भी जम्मू-कश्मीर की ऐतिहासिक इमारतों की तस्वीरों को दर्शाया गया है, जिसमें हरि निवास, बाहु फोर्ट आदि इमारतों को दिखाया गया है। कक्षा 10वीं की इतिहास की पुस्तक में जोड़े अध्याय में ‘तत्कालीन राज्य का आधुनिकीकरण, स्वतंत्र युग के बाद: जम्मू-कश्मीर आधुनिकीकरण की राह पर’ जोड़ा गया है। इसमें डोगरा शासन के पतन और नए सरकार के गठन, पर्यटन और फिल्म उद्योग को आकर्षित करने के लिए कश्मीर चलो अभियान, भूमि सुधार के परिणाम जैसे विषय हैं। वहीं नागरिक शास्त्र की पुस्तक में जम्मू और कश्मीर पुनर्गठन अधिनियम, 2019 जोड़ा गया है, जिसमें इस अधिनियम के लागू होने से प्रदेश में हुए बदलावों को बताया है। वहीं इन किताबों से न केवल विद्यार्थियों को जम्मू-कश्मीर के इतिहास की जानकारी मिलेगी, वहीं धरोहरों का भी पता चलेगा।
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महाराजा गुलाब सिंह के बारे में पढ़ेंगे छात्र
8वीं की इतिहास की पुस्तक में तत्कालीन जम्मू-कश्मीर का गठन और डोगरा शासन का अध्याय जोड़ा गया है। इसमें महाराजा गुलाब सिंह, महाराजा हरि सिंह और उनके द्वार किए समाज सुधार के कार्यों को बताया गया है। इसके साथ प्रदेश के विरासत स्थल जिसमें बाबा जित्तो मंदिर झिड़ी, लोक नृत्य हरना के बारे में भी बताया गया है। कक्षा नौवीं की इतिहास की पुस्तक में ’रियासतों का एकीकरण : जम्मू और कश्मीर का एक केस स्टडी’ अध्याय को जोड़ा गया।
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कोट
कक्षा आठवीं से दसवीं तक की इतिहास की पुस्तकों में जम्मू-कश्मीर से जुड़े नए अध्यायों को शामिल किया गया है। प्रदेश के छात्रों को देश के इतिहास के साथ-साथ प्रदेश की राजनीतिक, सामाजिक शख्सियतों समेत डोगरा शासकों का इतिहास पढ़ने को मिलेगा। इन पुस्तकों में राज्य पुनर्गठन अधिनियम को भी जोड़ा गया है।
-डॉ. यासिर अहमद सरीवाल, अतिरिक्त निदेशक जेके बोर्ड जम्मू