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पाक के नापाक पैंतरे: पुंछ-राजोरी पर ISI और आतंकियों की निगाहें, भेज जा रहे प्रशिक्षित दहशतगर्द
Fri, 08 Sep 2023 04:25 PM IST
kumar गुलशन कुमार
अमर उजाला नेटवर्क, जम्मू
अमर उजाला नेटवर्क, जम्मू
Published by: kumar गुलशन कुमार
Updated Fri, 08 Sep 2023 04:25 PM IST
सार
तीन दशक से भी अधिक समय से पाक सेना और आतंकी पुंछ और राजोरी जिलों में हालात खराब करने के लिए प्रयासरत हैं। घुसपैठ के प्रयासों में भी वृद्धि की है। प्रशिक्षित और अनुभवी आतंकी भेजे जा रहे हैं।
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एलओसी पर तैनात जवान(फाइल)
- फोटो : Agency
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विस्तार
पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई, सेना और आतंकियों की नापाक निगाहें फिर जिला पुंछ और राजोरी में आतंक फैलाने पर हैं। यहां प्रशिक्षित एवं अनुभवी आतंकियों की घुसपैठ करवाई जा रही है। हालांकि, हमारे सुरक्षा बल पाकिस्तान के नापाक मंसूबों को नाकाम कर रहे हैं।
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तीन दशक से भी अधिक समय से पाक सेना और आतंकी इन जिलों में हालात खराब करने के लिए प्रयासरत हैं। घुसपैठ के प्रयासों में भी वृद्धि की है। प्रशिक्षित और अनुभवी आतंकी भेजे जा रहे हैं। इसका प्रमाण है कि सुरक्षाबलों के हाथों मारे गए अधिकतर आतंकी युवा न होकर बड़ी उम्र के थे। यह प्रशिक्षित आतंकी लंबे समय तक मुठभेड़ में टिके रहे थे।
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जिले में पिछले डेढ़-दो महीने में मारे गए आतंकी इसके प्रमाण हैं। चक्कां दा बाग में होने वाली पहली मुठभेड़ में मारा गया आतंकी प्रशिक्षित एवं स्टीक निशानेबाज था। उसने सेना का जवान, जो उस पर लगातार गोलीबारी कर रहा था, उसके हाथ को निशाना बनाया था। बुधवार को पुंछ जिले के सावजियां सेक्टर के चापडियां में घुसपैठ करते मारा गया आतंकी भी सुरक्षाबलों के घेरे में फंसने पर कई घंटे मुकाबला करता रहा। उसने अपनी चारों मैगजीनें खाली कर दी थीं।
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सुरक्षाबलों के एक अनुभवी कर्मी का कहना है कि सुरक्षाबलों के घेरे में आने पर अकसर आतंकी मुश्किल से एक मैगजीन ही फायर कर पाते हैं। वहीं, सूत्रों की मानें तो आतंकी साथी के घायल होने पर उसे दोबारा पाकिस्तान अधिकृत क्षेत्र तक पहुंचाने का प्रयास तक करते हैं। क्योंकि, मुठभेड़ में घायल अधिकतर आतंकी मरने से पहले नियंत्रण रेखा के पार या नो मैन लैंड तक पहुंच जाते हैं। इससे उनके शव बरामद करना भारतीय सेना के लिए कठिन हो जाता है।