जम्मू-कश्मीर: महबूबा बोलीं- लोगों के अधिकारों की रक्षा करने वाली संस्थाओं का भाजपा ने किया तालिबानीकरण
पीडीपी अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती ने कहा कि मुख्यधारा का अधिकांश मीडिया भाजपा के आख्यान को हवा दे रहा है, वे इस बारे में बात नहीं कर रहे हैं कि कैसे एजेंसियों का दुरुपयोग किया जा रहा है और संविधान के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है।
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पीडीपी की अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती ने कहा कि जो संस्थान लोगों के अधिकारों व देश में संविधान की रक्षा करने के लिए बनाए गए थे उनका तालिबानीकरण कर दिया गया है। उन्होंने मनी लॉन्ड्रिंग के एक मामले में उनकी मां गुलशन नजीर से प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) द्वारा करीब तीन घंटे तक पूछताछ से जुड़े पत्रकारों के एक सवाल का जवाब देते हुए कही।
महबूबा ने कहा कि दुर्भाग्य से जिन संस्थानों को हमारे अधिकारों की रक्षा करनी थी और जिन्हें संविधान की भावनाओं को बनाए रखना था उनका तालिबानीकरण हो चुका है। आरोप लगाए कि मीडिया का भी तालिबानीकरण हो गया है।
मुख्यधारा की अधिकतर मीडिया भाजपा की बातों पर चलती है। वे यह नहीं बताते कि किस तरह से एजेंसियों का दुरुपयोग हुआ है और किस तरह से संविधान से खिलवाड़ हो रहा है। ईडी द्वारा पूछताछ पर कहा कि आपको घटनाक्रम पता है।
दावा किया कि मैंने परिसीमन आयोग से मिलने से इंकार कर दिया अगले दिन हमें समन मिल गया। मैंने पांच अगस्त को शांतिपूर्ण प्रदर्शन किया अगले दिन हमें समन मिल गया। एनआईए और ईडी जैसी एजेंसियों का गठन गंभीर कार्यों के लिए हुआ था। लेकिन दुर्भाग्य से इन एजेंसियों का इस्तेमाल राजनीतिज्ञों, छात्रों, कार्यकर्ताओं, पत्रकारों के खिलाफ किया जा रहा है चाहे वह शुद्धा भारद्वाज या दिशा रवि या उमर खालिद या अन्य किसी राजनीतिज्ञ का मामला हो। जो कोई सच बोलेगा, जो कोई भाजपा की विभाजनकारी नीतियों के खिलाफ बोलेगा, जो कोई जम्मू-कश्मीर के संबंध में उनकी गलत बातों के खिलाफ बोलेगा वह इस प्रकार की सजा पाएगा। यह जो नया कश्मीर बनाया गया है उसमें सच बोलने के लिए दंडित किया जा रहा है।
मनी लॉन्ड्रिंग मामले में महबूबा की मां से ईडी ने चार घंटे की पूछताछ
मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़े एक मामले में पूर्व मुख्यमंत्री व पीडीपी प्रमुख महबूबा मुफ्ती की मां गुलशन नजीर से बुधवार को चार घंटे तक प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के अधिकारियों ने पूछता की। इस दौरान महबूबा भी मौजूद रहीं।
ईडी के अधिकारियों ने 6 अगस्त को गुलशन नजीर को 18 अगस्त सुबह 11 बजे पूछताछ के लिए समन जारी किया था। सिविल लाइंस स्थित दफ्तर में ईडी के सामने पेश होने पर अधिकारियों ने उनसे करीब चार घंटे से अधिक समय तक पूछताछ की गई। पूर्व केंद्रीय गृह मंत्री व पूर्व मुख्यमंत्री मुफ्ती मोहम्मद सईद की पत्नी गुलशन को पहले भी तीन बार समन किया जा चुका है। महबूबा की एक सहयोगी के घर पर छापे के दौरान दो डिजिटल डायरियों की बरामदगी के मामले में ईडी ने मनी लॉन्ड्रिंग निरोधक अधिनियम (पीएमएलए) के तहत आपराधिक मुकदमा दर्ज किया था। मुख्यमंत्री विवेकाधीन कोष से नियमों की अनदेखी कर कुछ भुगतान किए जाने का डायरी में विस्तृत ब्योरा पाया गया था। यह फंड पीडीपी के शासनकाल में डायवर्ट किया गया था। आरोप है कि इनमें से कुछ लाख रुपये गुलशन के खाते में भी ट्रांसफर किए गए थे। ईडी इसी विषय में पूछताछ क रही है।
बता दें कि इससे पहले भी ईडी ने 14 जुलाई को उन्हें श्रीनगर में पूछताछ के लिए समन किया था लेकिन वह पेश नहीं हुई। उस समय पार्टी के अंदरूनी सूत्रों से यह पता लगा था कि उनकी ओर से ईडी को एक पत्र लिखकर उस मामले का विवरण मांगा गया था जिसमें उनसे पूछताछ की जानी थी। लेकिन ईडी की ओर से कोई जवाब नहीं आया था। गुलशन को 19 अप्रैल को भी इससे पहले पेश होने का समन जारी किया गया था लेकिन उस समय उन्होंने उम्र और कोरोना महामारी को व्यक्तिगत गैर-उपस्थिति के कारणों के रूप में भी उद्धृत किया था।