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जम्मू कश्मीर: महबूबा मुफ्ती ने कहा- अनुच्छेद 370 हटाने के बाद पीडीपी बनी सबसे बड़ा निशाना
Mon, 08 Apr 2024 06:07 PM IST
kumar गुलशन कुमार
अमर उजाला नेटवर्क, जम्मू कश्मीर
अमर उजाला नेटवर्क, जम्मू कश्मीर
Published by: kumar गुलशन कुमार
Updated Mon, 08 Apr 2024 06:07 PM IST
सार
महबूबा मुफ्ती ने कहा कि 370 को निरस्त करने के बाद उनकी पार्टी सबसे बड़ा निशाना बन गई और उनकी पार्टी के नेताओं को उनसे अलग होने के लिए या तो लालच दिया गया या ब्लैकमेल किया गया।
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पीडीपी प्रमुख महबूबा मुफ्ती
- फोटो : एजेंसी
विस्तार
पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (पीडीपी) अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती ने केंद्र सरकार पर परोक्ष हमला करते हुए आरोप लगाया कि 2019 में अनुच्छेद 370 को निरस्त करने के बाद उनकी पार्टी सबसे बड़ा निशाना बन गई और उनकी पार्टी के नेताओं को उनसे अलग होने के लिए या तो लालच दिया गया या ब्लैकमेल किया गया। अनंतनाग-राजोरी सीट से आगामी लोकसभा चुनाव लड़ रहीं महबूबा सोमवार को बिजबेहड़ा में अपने पिता और पीडीपी संस्थापक मुफ्ती मोहम्मद सईद की कब्र पर पहुंचीं।
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उन्होंने कहा, '2019 के बाद पीडीपी सबसे बड़ा टारगेट बन गई। पार्टी को तोड़ने की साजिशें की गई और हमारे नेताओं को पार्टी से अलग होने के लिए या तो लालच दिया गया या ब्लैकमेल किया गया। मैंने 2019 के बाद उनके उत्पीड़न के खिलाफ आवाज उठाने की कोशिश की और मुझे और मेरे परिवार के सदस्यों को कई चीजों का सामना करना पड़ा है।' पीडीपी प्रमुख ने किसी का नाम लिए बिना कहा, 'इसके कारण कठिनाइयां हुईं, लेकिन मैं अपनी जिद पर अड़ी रही।'
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उन्होंने कहा, 'उन्हें (भाजपा को) लगता है कि अगर मेरी आवाज संसद तक पहुंची तो उन्हें दिक्कत हो सकती है। जम्मू-कश्मीर और लद्दाख की वास्तविक स्थिति सामने आ जाएगी और जो लोग यह दावा करते हैं कि जम्मू-कश्मीर में सब कुछ सामान्य है, वे बेनकाब हो जाएंगे। इसीलिए वे मुझे संसद से बाहर रखना चाहते हैं।'
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महबूबा ने कहा, 'मैंने अपने स्तर पर प्रयास किया है। मैं एक शक्तिशाली व्यक्ति नहीं हूं लेकिन मैंने उत्पीड़न के खिलाफ आवाज उठाई है। हमारी आदिवासी आबादी, गुज्जर, बकरवाल और पहाड़ी लोगों को उत्पीड़न का सामना करना पड़ा क्योंकि ऐसा लगता था कि उनकी बात सुनने वाला कोई नहीं है। जम्मू-कश्मीर के लोग, विशेष रूप से मेरे अपने लोग, मैंने जो किया है उसका सम्मान करेंगे और मेरी आवाज को मजबूत करेंगे।'
महबूबा का मुकाबला नेशनल कॉन्फ्रेंस के मियां अल्ताफ, डेमोक्रेटिक प्रोग्रेसिव आजाद पार्टी के अध्यक्ष गुलाम नबी आजाद और अपनी पार्टी के जफर इकबाल मन्हास से है।