{"_id":"5b55cb024f1c1b764d8b4604","slug":"jammu-kashmir-let-militant-naveed-jati-video-got-viral-while-shooting-in-open-air","type":"story","status":"publish","title_hn":"वीडियो: पुलिस की गिरफ्त से फरार हुआ था आतंकी, घाटी में खुलेआम कर रहा फायरिंग","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
वीडियो: पुलिस की गिरफ्त से फरार हुआ था आतंकी, घाटी में खुलेआम कर रहा फायरिंग
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
Updated Tue, 24 Jul 2018 12:58 PM IST
विज्ञापन
आतंकी नावेद की फोटो
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
जम्मू कश्मीर के कुलगाम में मुठभेड़ में मारे गए स्थानीय आतंकियों के जनाजे में फरवरी में फरार हुआ आतंकी नवीद जट उर्फ अबु हंजुला भी शामिल हुआ। सामने आए एक वीडियो में नवीद अपने साथियों के साथ खुलेआम फायरिंग करता दिख रहा है। नवीद लश्कर का कमांडर है और खुलेआम वह घाटी में घूम रहा है। मगर पुलिस और सुरक्षाबल उसे पकड़ने में असफल हैं।
मारे गए आतंकी वही थे जिन्होंने अपहरण करके एक ट्रेनी पुलिस कांस्टेबल की हत्या की थी। जिसका बदला लेते हुए सुरक्षाबलों ने रविवार सुबह घटना के 12 घंटे के भीतर दो स्थानीय और एक पाकिस्तानी आतंकी को मार गिराया था। रविवार दोपहर मारे गए आतंकी के जनाजे में कई आतंकी शरीक हुए। उन्होंने इस दौरान कई हवाई फायर भी किए। इसी जमात में फरार आतंकी नवीद जट भी शामिल था। आतंकी के शव को पाकिस्तानी झंडे में लपेटकर जनाजा निकाला गया। जनाजे में पाकिस्तानी झंडे लहराए गए।
ऐसे फरार हुआ था आतंकी
इसी साल 7 फ़रवरी शहर को हाई सिक्योरिटी जोन में एसएमएचएस अस्पताल में आतंकियों ने पुलिस पार्टी पर हमला कर हार्ड कोर लश्कर आतंकी नवीद जट उर्फ अबु हंजुला को भगा लिया। नवीद पाकिस्तानी आतंकी है। उसके साथ छह आतंकियों को 6 फरवरी को सेंट्रल जेल से इलाज के लिए अस्पताल लाया गया था। वहां पहले से मौजूद दो आतंकियों ने पुलिस पार्टी पर अंधाधुंध गोलियां बरसाईं। इसमें दो पुलिस कर्मी हेड कांस्टेबल मुश्ताक अहमद और कांस्टेबल बाबर अहमद शहीद हो गए थे। घटना के बाद अस्पताल में अफरातफरी मच गई। तीनों आतंकी फिल्मी अंदाज में मोटरसाइकिल से फरार हो गए थे।
विज्ञापन
2010 में लश्कर में हुआ था शामिल
नवीद 2010 में लश्कर में शामिल हुआ था और दो साल की ट्रेनिंग के लिए भेजा गया था। उसने मुजफ्फराबाद कैंप में ट्रेनिंग ली थी। अक्टूबर-नवंबर 2012 में वह कुपवाड़ा के रास्ते सात अन्य विदेशी आतंकियों के साथ रियासत में दाखिल हुआ था। नावेद तथा 22 आतंकियों का ग्रुप छह महीने से अधिक समय तक बांदीपोरा के जंगलों में मई 2013 तक ठहरा था। नवीद तथा एक अन्य आतंकी आशिक लोन को पुलवामा व शोपियां के इलाके में भेजा गया था। इस दौरान उन्हें मोबाइल फोन, सिम कार्ड देने के साथ ही स्काईपे के इस्तेमाल की जानकारी दी गई थी। नावेद को पाकिस्तान से दिशा निर्देश मिलते थे और वह लगातार अबु सज्जाद व अबु हंजाला के संपर्क में रहता था।
कई हमलों में शामिल रहा है आतंकी
नवीद घाटी में कई हमलों में शामिल रहा है। हैदरपोरा में सेना पर हमला, श्रीनगर के बाहरी इलाके में नेशनल हाईवे पर स्थित सिल्वर स्टार होटल में हमले के साथ ही दक्षिणी कश्मीर में पुलिस व सीआरपीएफ कैंप पर तीन हमले में शामिल रहा है। पुलिस के अनुसार वह कंपास, जीपीएस, वायरलेस सेट तथा मोबाइल फोन के मामले में काफी प्रशिक्षित है।
दूसरे जेल में शिफ्ट करना चाहती थी पुलिस
पुलिस नवीद तथा पांच अन्य कैदियों को श्रीनगर जेल से शिफ्ट करना चाहती थी। उसे घाटी के बाहर किसी अन्य हाई सिक्योरिटी जेल में शिफ्ट करने की योजना थी, लेकिन सेशन कोर्ट ने दिसंबर 2017 में इसकी अनुमति नहीं दी थी।
विज्ञापन
मारे गए आतंकी वही थे जिन्होंने अपहरण करके एक ट्रेनी पुलिस कांस्टेबल की हत्या की थी। जिसका बदला लेते हुए सुरक्षाबलों ने रविवार सुबह घटना के 12 घंटे के भीतर दो स्थानीय और एक पाकिस्तानी आतंकी को मार गिराया था। रविवार दोपहर मारे गए आतंकी के जनाजे में कई आतंकी शरीक हुए। उन्होंने इस दौरान कई हवाई फायर भी किए। इसी जमात में फरार आतंकी नवीद जट भी शामिल था। आतंकी के शव को पाकिस्तानी झंडे में लपेटकर जनाजा निकाला गया। जनाजे में पाकिस्तानी झंडे लहराए गए।
विज्ञापन
ऐसे फरार हुआ था आतंकी
इसी साल 7 फ़रवरी शहर को हाई सिक्योरिटी जोन में एसएमएचएस अस्पताल में आतंकियों ने पुलिस पार्टी पर हमला कर हार्ड कोर लश्कर आतंकी नवीद जट उर्फ अबु हंजुला को भगा लिया। नवीद पाकिस्तानी आतंकी है। उसके साथ छह आतंकियों को 6 फरवरी को सेंट्रल जेल से इलाज के लिए अस्पताल लाया गया था। वहां पहले से मौजूद दो आतंकियों ने पुलिस पार्टी पर अंधाधुंध गोलियां बरसाईं। इसमें दो पुलिस कर्मी हेड कांस्टेबल मुश्ताक अहमद और कांस्टेबल बाबर अहमद शहीद हो गए थे। घटना के बाद अस्पताल में अफरातफरी मच गई। तीनों आतंकी फिल्मी अंदाज में मोटरसाइकिल से फरार हो गए थे।
विज्ञापन
2010 में लश्कर में हुआ था शामिल
नवीद 2010 में लश्कर में शामिल हुआ था और दो साल की ट्रेनिंग के लिए भेजा गया था। उसने मुजफ्फराबाद कैंप में ट्रेनिंग ली थी। अक्टूबर-नवंबर 2012 में वह कुपवाड़ा के रास्ते सात अन्य विदेशी आतंकियों के साथ रियासत में दाखिल हुआ था। नावेद तथा 22 आतंकियों का ग्रुप छह महीने से अधिक समय तक बांदीपोरा के जंगलों में मई 2013 तक ठहरा था। नवीद तथा एक अन्य आतंकी आशिक लोन को पुलवामा व शोपियां के इलाके में भेजा गया था। इस दौरान उन्हें मोबाइल फोन, सिम कार्ड देने के साथ ही स्काईपे के इस्तेमाल की जानकारी दी गई थी। नावेद को पाकिस्तान से दिशा निर्देश मिलते थे और वह लगातार अबु सज्जाद व अबु हंजाला के संपर्क में रहता था।
कई हमलों में शामिल रहा है आतंकी
नवीद घाटी में कई हमलों में शामिल रहा है। हैदरपोरा में सेना पर हमला, श्रीनगर के बाहरी इलाके में नेशनल हाईवे पर स्थित सिल्वर स्टार होटल में हमले के साथ ही दक्षिणी कश्मीर में पुलिस व सीआरपीएफ कैंप पर तीन हमले में शामिल रहा है। पुलिस के अनुसार वह कंपास, जीपीएस, वायरलेस सेट तथा मोबाइल फोन के मामले में काफी प्रशिक्षित है।
दूसरे जेल में शिफ्ट करना चाहती थी पुलिस
पुलिस नवीद तथा पांच अन्य कैदियों को श्रीनगर जेल से शिफ्ट करना चाहती थी। उसे घाटी के बाहर किसी अन्य हाई सिक्योरिटी जेल में शिफ्ट करने की योजना थी, लेकिन सेशन कोर्ट ने दिसंबर 2017 में इसकी अनुमति नहीं दी थी।