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जम्मू कश्मीर: कल होगी प्रदेश में विधान सभा चुनाव की मांग वाली याचिका पर सुनवाई
Wed, 05 Jul 2023 05:04 PM IST
kumar गुलशन कुमार
अमर उजाला नेटवर्क, जम्मू
अमर उजाला नेटवर्क, जम्मू
Published by: kumar गुलशन कुमार
Updated Wed, 05 Jul 2023 05:04 PM IST
सार
हर्ष देव सिंह ने सुप्रीम कोर्ट रजिस्ट्री द्वारा जारी कॉज लिस्ट का हवाला देते हुए कहा कि इस मामले की सुनवाई मुख्य न्यायाधीश डी वाई चंद्रचूड़ की अध्यक्षता वाली सुप्रीम कोर्ट की पीठ द्वारा की जाएगी।
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सुप्रीम कोर्ट
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
जम्मू-कश्मीर में लोकतांत्रिक प्रणाली की बहाली के लिए जल्द विधानसभा चुनाव की मांग वाली याचिका पर सुप्रीम कोर्ट में वीरवार को सुनवाई होगी। पैंथर्स पार्टी नेता और पूर्व मंत्री हर्ष देव सिंह ने याचिका दर्ज कर शीर्ष अदालत का रुख किया था, ताकि जम्मू-कश्मीर में लोकतंत्र की बहाली हो।
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जम्मू-कश्मीर में 2014 के बाद से चुनाव नहीं हुए है। 2018 में प्रदेश में राज्यपाल शासन लगाया गया। 2019 जून को जम्मू-कश्मीर को बिना चुनी हुई सरकार के पांच साल का समय भी पूरा हुआ। पांच साल से प्रदेश में लोकतांत्रिक प्रणाली ठप पड़ी और चुनी हुई सरकार की बजाय अफसरशाही है।
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हर्ष देव सिंह ने सुप्रीम कोर्ट रजिस्ट्री द्वारा जारी कॉज लिस्ट का हवाला देते हुए कहा कि इस मामले की सुनवाई मुख्य न्यायाधीश डी वाई चंद्रचूड़ की अध्यक्षता वाली सुप्रीम कोर्ट की पीठ द्वारा की जाएगी। जम्मू-कश्मीर में लोकतंत्र की बहाली ये एक मात्र उद्देश्य है।
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उन्होंने कहा कि पांच अगस्त 2019 में जम्मू-कश्मीर को विशेष दर्जा देने वाला अनुच्छेद 370 को हटाया गया और जम्मू-कश्मीर व लद्दाख को दो अलग-अलग केंद्रशासित प्रदेश बनाया गया। उन्होंने कहा कि प्रदेश में विधानसभा चुनाव कराने के मुद्दे पर केंद्र सरकार और चुनाव आयोग ने असहज चुप्पी बनाई है।
इसको देखते हुए उन्हें शीर्ष अदालत का रुख करने के लिए मजबूर होना पड़ा। उन्होंने कहा कि जम्मू-कश्मीर में 90 के दशक की शुरुआत में आतंकवाद निर्वाचित सरकार के गठन के बाद धीरे-धीरे कम हो गया था। लोकप्रिय सरकारों के दौरान यह लगभग खत्म होता गया, लेकिन दुर्भाग्य से केंद्र के छद्म शासन के दौरान इसे पुनर्जीवित किया गया। ब्यूरो