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Jammu Kashmir Election: 22 साल बाद हीरानगर में वोट से आतंक को देंगे जवाब, सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम
Mon, 02 Sep 2024 11:49 AM IST
निकिता गुप्ता
अमर उजाला नेटवर्क, जम्मू
अमर उजाला नेटवर्क, जम्मू
Published by: निकिता गुप्ता
Updated Mon, 02 Sep 2024 11:49 AM IST
सार
जम्मू कश्मीर में विधानसभा चुनाव होने वाले हैं। हीरानगर में 2002 में आतंकवादी हमले हुआ था। 22 साल बाद बरसी पर 2024 में चुनाव हो रहे हैं। लोग आतंकवाद को वोट से जवाब देने को तैयार हैं।
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सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : प्रतीकात्मक
विस्तार
विधानसभा चुनाव की आहट के साथ ही हीरानगर में लोगों की यादें एक बार फिर ताजा हो गई हैं। 1 अक्टूबर 2002 को आतंकवादियों द्वारा किए गए दिल दहला देने वाले हमले की बरसी पर आज भी हीरानगर के बाशिंदों के जख्म हरे हैं। आतंकियों ने इस दिन एक यात्री बस को निशाना बनाते हुए निर्दोष लोगों की हत्या कर दी थी। इस हमले में दस लोगों की मौत हो गई थी और अगले दिन एक मुठभेड़ में डीएसपी रैंक के अधिकारी भी शहीद हुए थे।
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22 साल बाद, 2024 में एक बार फिर 1 अक्टूबर को हीरानगर विधानसभा क्षेत्र में चुनाव होने जा रहे हैं। यह संयोग ही है कि इस दिन की यादें ताजा होंगी जब लोग आतंक के खिलाफ अपने वोट की ताकत से जवाब देंगे। हालांकि, सुरक्षा की चिंता बनी हुई है। क्योंकि आतंकवादियों की घुसपैठ और जम्मू संभाग में उनकी मौजूदगी सुरक्षाबलों के लिए चुनौती बनी हुई है।
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2002 की उस सुबह आतंकियों ने बस पर हमला करने के बाद हर दिशा में गोलियों की बौछार की थी। जिससे कई निर्दोष लोग मारे गए। हीरानगर थाने के साथ-साथ इलाके में आतंकी वारदातों के शिकार लोगों की संख्या भी कम नहीं है। इस साल सुरक्षाबलों ने हीरानगर के सैडा सोहल गांव में दो आतंकियों को ढेर किया था। लेकिन अब भी क्षेत्र के लोग चुनावों के दौरान सुरक्षा के पुख्ता प्रबंध चाहते हैं।
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इस बार चुनावी माहौल में लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए विशेष प्रबंध किए जा रहे हैं। ताकि 2002 के दर्द को वोट की ताकत से सही मायनों में जवाब दिया जा सके।