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जम्मू-कश्मीर: मां मचैल के कपाट तीन माह के लिए बंद, माता की चांदी की मूर्ति काली मंदिर में प्रतिष्ठापित
Sun, 15 Jan 2023 04:41 PM IST
विमल शर्मा
अमर उजाला नेटवर्क, जम्मू
अमर उजाला नेटवर्क, जम्मू
Published by: विमल शर्मा
Updated Sun, 15 Jan 2023 04:41 PM IST
सार
माता चंडी कालिका स्वरूप की चांदी की मूर्ति को विधिविधान के साथ मचैल गांव में स्थित काली माता के मंदिर में प्रतिष्ठापित कर दिया गया है। माता का दरबार बैसाखी तक बंद रहेगा।
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मचैल माता
- फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
मकर संक्रांति पर मां मचैल के कपाट तीन माह के लिए बंद हो गए हैं। माता चंडी कालिका स्वरूप की चांदी की मूर्ति को विधिविधान के साथ मचैल गांव में स्थित काली माता के मंदिर में प्रतिष्ठापित कर दिया गया है। माता का दरबार बैसाखी तक बंद रहेगा।
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हर साल मकर संक्रांति के दिन माता का मुख्य दरबार बंद कर दिया जाता है। बर्फबारी व सर्दी के चलते इस दिन माता की भव्य आरती व एक समारोह होता है, जिसके बाद मुख्य मंदिर के पुजारी द्वारा मूर्ति को माता काली के मंदिर में प्रतिष्ठापित किया जाता है।
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यह मंदिर मुख्य मंदिर से कुछ ही दूरी पर स्थित है। प्राचीन काल से ही ऐसा होता आ रहै है। मकर संक्रांति के दिन माता की मूर्ति को छोटे मंदिर में लाया जाता है, जहां लगातार पूजा-अर्चना होती है। मूर्ति को मुख्य पुजारी ने मंदिर से उठा कर गांव के मंदिर में प्रतिष्ठापित किया है।
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मूर्ति को गोद में उठाने से पहले दरबार में भोग लगाया गया और दरबार से बाहर लाते ही कपाट तीन माह के लिए बंद कर दिए गए। रीति रिवाज के साथ समारोह को मनाया जाता है। तीन माह के बाद बैसाखी के दिन मंदिर के कपाट फिर खोले जाएंगे और मूर्ति को मंदिर में प्रतिष्ठापित किया जाएगा।