{"_id":"6402dadef81f52480802aa75","slug":"jammu-kashmir-crpf-ig-said-on-picket-alert-for-the-safety-of-minorities-2023-03-04","type":"story","status":"publish","title_hn":"घाटी में सीआरपीएफ आईजी: अल्पसंख्यकों की सुरक्षा के लिए पिकेट अलर्ट पर, नियमित तौर पर कर रहे सुरक्षा की समीक्षा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
घाटी में सीआरपीएफ आईजी: अल्पसंख्यकों की सुरक्षा के लिए पिकेट अलर्ट पर, नियमित तौर पर कर रहे सुरक्षा की समीक्षा
Sat, 04 Mar 2023 11:15 AM IST
विमल शर्मा
अमर उजाला नेटवर्क, श्रीनगर
अमर उजाला नेटवर्क, श्रीनगर
Published by: विमल शर्मा
Updated Sat, 04 Mar 2023 11:15 AM IST
सार
आईजी (ऑपरेशन) कश्मीर मनविंदर सिंह भाटिया ने कहा कि सीआरपीएफ की हेल्पलाइन पिछले साल मददगार साबित हुई है। इस साल भी हम इसी तरह से काम करने के लिए तैयार हैं।
विज्ञापन
सीआरपीएफ आईजी मनविंदर सिंह भाटिया
- फोटो : संवाद
विस्तार
सीआरपीएफ के आईजी (ऑपरेशन) कश्मीर मनविंदर सिंह भाटिया ने कहा कि घाटी में अल्पसंख्यक समुदाय को सुरक्षा प्रदान करने के लिए कड़े कदम उठाए जा रहे हैं। उन्होंने अनंतनाग में दौरे के दौरान कहा, सीआरपीएफ के जवान माइनॉरिटी पिकेट अलर्ट पर हैं, हम नियमित रूप से सुरक्षा की समीक्षा कर रहे हैं।
विज्ञापन
प्रयास है कि दक्षिण कश्मीर में सभी अल्पसंख्यकों को सुरक्षा प्रदान करने के लिए नियमित रूप से उनसे संपर्क किया जा रहा है। उनकी यह टिप्पणी रविवार को आतंकवादियों द्वारा जम्मू-कश्मीर के पुलवामा जिले में कश्मीरी पंडित संजय शर्मा की हत्या के बाद आई है।
विज्ञापन
भाटिया ने कहा, समुदाय को सुरक्षा प्रदान करने के लिए हर उपाय किए जाएंगे। जून में शुरू होने वाली वार्षिक अमरनाथ यात्रा के लिए सुरक्षा उपायों के बारे में आईजी ने कहा कि सुरक्षा एजेंसियों ने दक्षिण कश्मीर में वार्षिक तीर्थयात्रा के लिए सुरक्षा उपायों का आकलन करना शुरू कर दिया है।
विज्ञापन
पिछले साल यात्रा शांतिपूर्वक संपन्न हुई थी और बड़ी संख्या में यात्री आए थे। इस साल भी हमें बड़ी संख्या में यात्रियों के आने की उम्मीद है। उन्होंने कहा कि ड्रोन जैसी तकनीक के इस्तेमाल समेत सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए जाएंगे।
साथ ही आरओपी, बुलेट प्रूफ वाहनों का उपयोग किया जाएगा कि यात्रियों को एक अद्भुत अनुभव हो। भाटिया ने कहा कि यात्रियों की सुविधा के लिए जो भी कदम उठाने की जरूरत होगी, वह पिछले साल की तरह उठाए जाएंगे।
उन्होंने कहा कि सीआरपीएफ की हेल्पलाइन पिछले साल मददगार साबित हुई है और इस साल भी हम इसी तरह से काम करने के लिए तैयार हैं। उन्होंने कहा, हालांकि आतंकवादियों की सटीक संख्या बताना मुश्किल है, क्योंकि यह बदलती रहती है, लेकिन सुरक्षा बलों का पलड़ा भारी है।
सभी सुरक्षा एजेंसियां समन्वय के साथ काम कर रही हैं और परिणाम सबके सामने हैं। हमारा उद्देश्य बिना किसी नुकसान के दुश्मनों को खत्म करना है।