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जम्मू कश्मीर: आठवीं की परीक्षा में दो बार बदलाव, 1.75 लाख छात्र हुए परेशान
Mon, 25 Mar 2024 02:47 PM IST
kumar गुलशन कुमार
अमर उजाल नेटवर्क, जम्मू
अमर उजाल नेटवर्क, जम्मू
Published by: kumar गुलशन कुमार
Updated Mon, 25 Mar 2024 02:47 PM IST
सार
आठवीं कक्षा के परीक्षा के सुचारू आयोजन की जिम्मेवारी जम्मू-कश्मीर राज्य शैक्षणिक अनुसंधान और प्रशिक्षण केंद्र (जेकेएससीईआरटी) की है। लेकिन आधी-अधूरी तैयारी ने विद्यार्थियों को असमंजस में डाल दिया है।
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Board Exam 2024
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
आठवीं कक्षा की परीक्षा की तिथियों में बार-बार बदलाव का असर विद्यार्थियों की तैयारियां पर पड़ रहा है। पहले परीक्षा पांच मार्च को प्रस्तावित थी, लेकिन बदलाव के बाद यह 13 मार्च से शुरू हुई। दो विषयों की परीक्षा होने के बाद फिर से तिथियों में बदलाव किया गया है, जिससे 1.74 लाख विद्यार्थी परेशान हैं।
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आठवीं कक्षा के परीक्षा के सुचारू आयोजन की जिम्मेवारी जम्मू-कश्मीर राज्य शैक्षणिक अनुसंधान और प्रशिक्षण केंद्र (जेकेएससीईआरटी) की है। लेकिन आधी-अधूरी तैयारी ने विद्यार्थियों को असमंजस में डाल दिया है। साफ्ट जोन में 13 और 22 मार्च को परीक्षा होने के बाद 24, 26 और 29 मार्च के पेपर को स्थगित कर दिया है।
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आठवीं कक्षा के विद्यार्थी प्रिंस कुमार ने कहा कि बार-बार परीक्षा की तिथियां बदली जा रही हैं। जिस विषय की तैयारी करते है उसकी परीक्षा स्थगित हो जाती है। इसका असर तैयारी पर पड़ता है। एससीईआरटी के एक अधिकरी ने बताया कि परीक्षाओं की तिथियां जल्दी में तय की गई थीं। मार्च में 10वीं और 12वीं कक्षा की बोर्ड परीक्षा थी, ऐसे में कोई आठवीं कक्षा की परीक्षा के तिथियों के लिए कोई विंडो नहीं मिल रही था। परीक्षा केंद्र से लेकर पर्यवेक्षक की कमी थी।
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हालात ऐसे थे कि रविवार के दिन भी परीक्षा रखी गई थी। अब नए सिरे से तिथियां जारी होंगी। परीक्षा की तिथियों में बार-बार बदलाव का कारण जब एससीईआरटी के निदेशक प्रो. परीक्षित सिंह मन्हास से जानना चाहा तो उन्होंने कई बार फोन करने के बाद भी कोई जवाब नहीं दिया।