फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Jammu and Kashmir ›   Jammu News ›   Jammu Kashmir: After Budgam, Nagrota seat became vacant in the state, two seats became vacant due to the death

Jammu Kashmir: प्रदेश में बडगाम के बाद नगरोटा सीट खाली हुई, देवेंद्र सिंह राणा के निधन से दो सीटें रिक्त

Sat, 02 Nov 2024 11:04 AM IST
निकिता गुप्ता अमर उजाला नेटवर्क, जम्मू
अमर उजाला नेटवर्क, जम्मू Published by: निकिता गुप्ता Updated Sat, 02 Nov 2024 11:04 AM IST
सार

जम्मू-कश्मीर के नगरोटा से भाजपा विधायक देवेंद्र सिंह राणा का 59 वर्ष की आयु में निधन हो गया, जिससे राज्य में दो विधानसभा सीटें खाली हो गई हैं। 

विज्ञापन
Jammu Kashmir: After Budgam, Nagrota seat became vacant in the state, two seats became vacant due to the death
भाजपा नेता देवेंद्र सिंह राणा

विस्तार

नगरोटा विधानसभा क्षेत्र से भाजपा विधायक देवेंद्र सिंह राणा के निधन से इस विस क्षेत्र की सीट खाली हो गई है। इससे पहले मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने बडगाम सीट को जीतकर छोड़ा था, जिससे अब प्रदेश में दो विधानसभा सीटें खाली हो गई हैं। 2014 के विधानसभा चुनाव में भाजपा को नगरोटा में राणा के मजबूत जनाधार से लाभ मिला था, जिसने उसके बहुमत के आंकड़े को बढ़ाया। इस सीट पर पिछले पांच विधानसभा चुनाव में भाजपा और नेकां के बीच टक्कर रही है। अब भी नगरोटा सीट पर उपचुनाव में भाजपा और नेकां के बीच लगभग टक्कर रहने के आसार हैं।

विज्ञापन


इस बार विधानसभा चुनाव में राणा ने 48113 वोट हासिल करके प्रतिद्वंद्वी नेकां के जोगेंद्र सिंह को 30472 वोट से हराया था, जो इस सीट पर अब तक की सबसे बड़ी जीत है। राणा ने सर्वाधिक वोट हासिल करके प्रदेश में नया रिकाॅर्ड भी बनाया था। इससे पहले राणा ने वर्ष 2014 में नेकां की ओर से नगरोटा सीट से 23678 वोट हासिल करके जीत दर्ज की थी। इससे पहले वर्ष 2008 और 2002 के विधानसभा चुनाव में भाजपा सांसद जुगल किशोर लगातार दो बार विधायक बने थे। उससे पहले 1996 में नेकां से अजात शत्रु ने जीत हासिल की। नगरोटा विधानसभा क्षेत्र में राजपूत, मुसलिम, ब्राह्मण सहित अन्य वोट बैंक हैं।

विज्ञापन

सिविल इंजीनियरिंग में माहिर थे, मालिक होते हुए भी खुद गाड़ियां ठीक करने लग जाते
दिवंगत देवेंद्र सिंह राणा कई भाषाओं को जानने के साथ सिविल इंजीनियरिंग में माहिर थे। उन्होंने 1986 में एनआईटी कुरुक्षेत्र से बीएससी इंजीनियरिंग (सिविल) की। पढ़ाई पूरी करने के बाद वह कामकाज में लग गए। आटोमोबाइल क्षेत्र में धीरे धीरे उनकी पकड़ मजबूत होती चली गई। उनके पास मारुति, टाटा, हार्ले डेविडसन सहित कई बड़ी कंपनियों की फ्रैंचाइजी थीं। वह एक आलराउंडर के रूप में माने जाते थे। डोगरा चौक पर एक डेढ़ साल रेस्टोरेंट चलाया। आटो मोबाइल क्षेत्र में वह ऐसी शख्सियत थी जो मालिक होकर भी खुद ही गाड़ियां धोने या ठीक करने में लग जाते थे। ऐसा करते हुए उन्हें कई बार लोगों ने देखा है। वह यह सब करके यह दिखाते थे कि मेहनत करके ही कुछ हासिल किया जा सकता है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed