कोरोना योद्धा की भूमिका में मजदूर: यहां चार ऑक्सीजन प्लांट में 24 घंटे हो रहा है 'सांसों का उत्पादन'
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कोरोना महामारी की दूसरी लहर में ऑक्सीजन की मांग को पूरा करने के लिए ऑक्सीजन प्लांट अब चौबीसों घंटे उत्पादन कर रहे हैं। जम्मू के बाड़ी ब्राह्मणा में चार ऑक्सीजन प्लांट हैं, जिनकी कुल क्षमता 520 क्यूबिक मीटर प्रति घंटा है। यह चारों यूनिट दिन रात ऑक्सीजन उत्पादन में लगे हैं।
पहले औसतन 16 से 18 घंटे उत्पादन होता था। इसमें भी सप्लाई ऑर्डर के अनुसार ही काम किया जाता था। प्रशासन इन औद्योगिक इकाईयों की निगरानी भी कर रहा है। ऑक्सीजन गैस के गैर इमरजेंसी कार्यों के लिए इस्तेमाल पर रोक लगाई गई है, जिसके चलते प्रशासनिक टीमें लगातार गैस उत्पादन केंद्रों पर नजर रखे हुए हैं।
मंडलायुक्त डॉ. राघव लंगर ने बाड़ी ब्राह्मणा औद्योगिक क्षेत्र में चल रहे ऑक्सीजन प्लांट की व्यवस्था जांची। इकाई में काम कर रहे स्टाफ से पूछताछ की गई। मंडलायुक्त को बताया कि ऑक्सीजन प्लांट अब चौबीसों घंटे चल रहे हैं। केवल मेडिकल इमरजेंसी को ही गैस की आपूर्ति की जा रही है। मंडलायुक्त ने ऑक्सीजन से जुड़ीं इकाईयोें में सुविधाएं बढ़ाने के निर्देश दिए।
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कोरोना योद्धा की भूमिका में हैं वर्कर, इतनी क्षमता के साथ हो रहा उत्पादन
मंडलायुक्त डॉ. राघव लंगर ने कहा कि ऑक्सीजन प्लांट में दिन रात काम कर रहे वर्कर कोरोना योद्धा की भूमिका में हैं। उन्होंने कहा कि दूसरी लहर ज्यादा चुनौतीपूर्ण है, जिससे निपटने के लिए ऑक्सीजन उत्पादन से जुड़े वर्कर व कर्मियाें की भूमिका बेहद अहम है।
बाड़ी ब्राह्मणा में कुल चार ऑक्सीजन प्लांट हैं। एक इकाई की क्षमता 100 क्यूबिक मीटर प्रति घंटा है। इसी तरह से दो यूनिट 125-125 और एक यूनिट 170 क्यूबिक मीटर प्रति घंटा क्षमता से काम कर रहा है। हर घंटे क्षमता के अनुसार उत्पादन कर गैस को सिलिंडरों में रिफिल किया जाता है। एक घंटे उत्पादन और रिफिल की प्रक्रिया को करीब ढाई घंटे का समय लगता है। वर्तमान में ऑक्सीजन की सप्लाई अस्पतालों में की जा रही है। जम्मू शहर समेत आसपास और दूरदराज से भी इमरजेंसी सेवाओं से जुड़े वाहनों के जरिये सिलिंडर अस्पतालों में पहुंचाए जा रहे हैं।