मास्साब तो गए चुनावी ड्यूटी में, कैसे होगी पढ़ाई
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हैरानी की बात यह है कि कितने शिक्षक चुनाव कार्य में हैं और कितने स्कूलों में विद्यार्थियों की शिक्षा प्रभावित हो रही है, इसकी जानकारी शिक्षा विभाग के अधिकारियों को ही नहीं है।
विधानसभा चुनाव का एलान होने से पहले ही प्रशासन की तरफ से चुनाव की तैयारियां शुरू कर दी गई थी। इसके लिए सरकारी स्कूलों के शिक्षकों को बूथ लेबल आफिसर (बीएलओ) बनाकर सबसे ज्यादा काम करवाया जा रहा है।
जब यह शिक्षक बीएलओ के रूप में कार्य करते हैं, तो स्कूलों में विद्यार्थियों की शिक्षा प्रभावित होती है। जम्मू में जैसे-जैसे चुनाव की तारीख नजदीक आएगी, इन बीएलओ को ज्यादा काम करना पड़ेगा। वहीं विद्यार्थियों के लिए ज्यादा परेशानी पैदा होती जाएगी।
चुनाव नजदीक आने के साथ बढ़ेगी शिक्षकों की व्यस्तता
जम्मू जिले में कितने शिक्षक बीएलओ के रूप में काम कर रहे हैं, इस बारे में अभी तक सीईओ कार्यालय में कोई जानकारी नहीं है। सभी बीएलओ दिन भर चुनावी तैयारियों में जुटे नजर आ रहे हैं। इन सभी को चुनाव से पहले अपने बूथ को तैयार करना है।
वहां पर पीने के पानी, शौचालय, सुरक्षा व्यवस्था व अन्य कई तरह की व्यवस्थाएं करवानी है। तैयारियों को लेकर प्रशासन के साथ कई तरह की बैठकें करनी हैं। इसी तरह के कई अन्य कार्य करने हैं।
कितने शिक्षक बूथ लेबल आफिसर बनकर काम कर रहे हैं, इसका कोई भी रिकार्ड सीईओ कार्यालय में मौजूद नहीं हैं। जब चुनाव नजदीक आएंगे और शिक्षकों को चुनाव ड्यूटी पर भी लगाया जाएगा। उस समय विद्यार्थियों की शिक्षा ज्यादा प्रभावित होगी।
सीईओ तरसेम लाल का कहना है कि कितने शिक्षक बीएलओ बनकर काम कर रहे हैं, इसके लिए अभी जेडीओ से आंकड़े एकत्र करने हैं। जल्द यह कार्य पूरा किया जाएगा।