कश्मीरः भाजपा की जीत की राह तय करेंगे ये 36 मुस्लिम
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कश्मीर चुनावों में जी जान से जुटी भाजपा ने रियासत में अपनी रणनीति भी बदली है। अभी तक हिंदुत्वादी राजनीति और विकास के मुद्दे पर आगे बढ़ती रही पार्टी ने कश्मीर चुनावों में भाजपा ने पूरी तरह अपना चोला बदल लिया है।
पार्टी कश्मीर चुनावों में पूरे सोशल इंजीनियरिंग के तहत काम कर रही है। यही कारण है कि लोकसभा चुनावों में एक भी मुस्लिम को टिकट न देने वाली पार्टी ने कश्मीर चुनावों में 36 मुसलमानों को टिकट थमा दिया है। हैरत की बात ये है कि अभी तक हिंदुत्व को ही अपना प्रमुख वोट बैंक मानती रही पार्टी कश्मीर में मुसलमानों को टिकट देने में सबसे आगे निकल गई है।
इनमें से 6 उम्मीदवार जम्मू संभाग के हैं जहां पार्टी काफी मजबूत मानी जा रही है। ऐसे में पार्टी की पूरी निगाह इन्हीं 36 मुस्लिम उम्मीदवारों पर टिकी है। क्योंकि इनमें से आधे भी अगर जीत कर आते हैं तो पार्टी इस मुस्लिम बहुल राज्य में पहली बार अपना झंडा बुलंद कर सकती है।
कश्मीर की 46 में से 30 सीट पर मुस्लिम उम्मीदवार
जम्मू विधानसभा में सबसे ज्यादा कश्मीर संभाग से 46 सीटें हैं, इसके बाद जम्मू संभाग से 37 और लद्दाख संभाग से 4 विधानसभा सीटें आती हैं।
गत लोकसभा चुनावों में जम्मू और लद्दाख क्षेत्र में पार्टी का प्रदर्शन शानदार रहा है और यहां से पार्टी ने तीनों सीटों पर कब्जा जमाया। भाजपा वर्तमान चुनावों में भी यहां अपनी वही पुरानी स्थिति मानकर चल रही है, ऐसे में पार्टी का सारा फोकस कश्मीर चुनावों पर है। यही कारण है कि भाजपा ने मुस्लिम बहुल कश्मीर क्षेत्र को ध्यान में रखते हुए यहां सबसे ज्यादा 30 मुसलमानों को टिकट दिया है।
जम्मू कश्मीर में पार्टी के सत्ता में आने की सारी उम्मीद इन्हीं 30 उम्मीदवारों पर टिकी हैं। इनमें से अगर आधे जीतकर भी आते हैं तो पार्टी को फिर जम्मू और लद्दाख क्षेत्र में बढ़त लेने में ज्यादा मुश्किल नहीं होगी। पार्टी के इन मुस्लिम सिपहसलारों में कई बड़े और प्रबुद्ध नाम भी हैं, जिनके पीछे पुराना सियासी रसूख भी जुड़ा है।
पार्टी ने शुरू की नई सोशल इंजीनियरिंग
कश्मीर चुनावों में भाजपा की नई सोशल इंजीनियरिंग देखने को भी मिल रही है। इसका अंदाजा विधानसभा चुनावों के लिए जारी की गई पार्टी की पांचों सूची को देखकर लगाया जा सकता है। जिसमें पार्टी ने बाकी सबको पीछे छोड़ते हुए सबसे ज्यादा 36 मुसलमानों को तो टिकट दिया ही है।
कश्मीर में बड़े और अभी तक उपेक्षित रहे कश्मीर पंडित समुदाय को भी चार टिकट दिए गए हैं। कश्मीर में अभी भी 93 हजार के करीब कश्मीरी पंडित निवास कर रहे हैं। ऐसे में अगर भाजपा इन्हें अपने पक्ष में मोड़ने में सफल रही तो उसकी राह आसान हो सकती है।
इसके अलावा पार्टी ने कश्मीर में एक सिख और बौद्ध बहुल लद्दाख में तीन बौद्धों को भी टिकट दिया है। श्रीनगर में जहां अभी भी अच्छी खासी तादाद में सिख आबादी निवास करती है वहीं लद्दाख क्षेत्र में बौद्ध उम्मीदवार उसके लिए उम्मीद की नई किरण बन सकते हैं।