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कांग्रेस किला बचाने में, भाजपा सेंध लगाने में

Sat, 22 Nov 2014 09:45 AM IST
Updated Sat, 22 Nov 2014 09:45 AM IST
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jammu and kashmir state election 2014

पहले लोकसभा चुनाव में करारी पराजय फिर महाराष्ट्र एवं हरियाणा में भी हार के बाद रियासत में अपनी साख बचाना कांग्रेस के लिए सबसे बड़ी चुनौती है। एक बार फिर सोनिया-राहुल और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आमने-सामने हैं।

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विदेश दौरे से लौटने के अगले ही दिन मोदी झारखंड में चुनाव प्रचार के लिए पहुंच गए। वे शनिवार को रियासत में चिनाब वैली के कांग्रेसी गढ़ में हल्ला बोलेंगे। सोनिया और मोदी के लिए यह चुनाव अग्नि परीक्षा साबित होंगे क्योंकि यहां लगातार अपनी दमदार उपस्थिति दर्ज कराने वाली कांग्रेस को अपनी प्रतिष्ठा बचाने की फिक्र है वहीं मोदी यहां भी अपने जादू को बरकरार रखने में कोई कसर नहीं छोड़ेंगे।
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पिछले चुनाव में वर्ष 2008 में कांग्रेस ने 17 और भाजपा ने 11 सीटें जीती थीं। पहली बार भाजपा को इतनी सीटें मिलीं। इसके बाद लोकसभा चुनाव में उसने रियासत की छह में से तीन सीटें झटक लीं। कांग्रेस का खाता तक नहीं खुल सका था।

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दो राज्यों में जीत से भाजपा के हौसले बुलंद

jammu and kashmir state election 2014

इसके बाद दो राज्यों में भाजपा की जीत से भगवा ब्रिगेड के हौसले बुलंद हैं। भाजपा ने मिशन 44 प्लस का नारा दिया। इसके बाद राम माधव, रामलाल सहित कई दिग्गजों ने यहां लगातार दौरा किया।

अब तक कश्मीर में अछूत समझी जाने वाली पार्टी ने वहां भी पैठ बनानी शुरू कर दी। कई मुस्लिम चेहरों पर दांव खेला। विपक्षी भी अब यह कहने लगे हैं कि घाटी में भाजपा ने जनाधार बढ़ाया है। भाजपाइयों का कहना है कि रियासत में विकास तथा खुशहाली के लिए यहां की अवाम मोदी के हाथों को मजबूत करेगी।

भाजपा प्रवक्ता अरुण गुप्ता का कहना है कि विधानसभा चुनाव देश की राजनीति के लिए टर्निंग प्वाइंट बनेगा। यदि यहां पार्टी सत्ता में आ गई तो देश के अन्य हिस्सों में पार्टी के विस्तार में दिक्कतें नहीं आएंगी। कांग्रेस खेमे में मोदी की काट के लिए स्थानीय क्षत्रपों को लगाया गया है।

गुलाम नबी आजाद और प्रो. सैफुद्दीन सोज ने पूरी ताकत झोंक दी है। दोनों नेता अलग-अलग हिस्सों में अपनी मजबूत उपस्थिति दिखाने और लोकसभा चुनाव में मिली करारी हार का बदला लेने में जुटे हैं। सोज का तो दावा है कि यहां मोदी की कोई लहर नहीं है और कांग्रेस ही यहां सरकार बनाएगी।

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