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जम्मू-कश्मीर: मकर संक्राति के दिन सूर्य देव करते हैं शिव के दर्शन, आप भी जानिए बूढ़ा केदार का रहस्य
Fri, 14 Jan 2022 01:47 PM IST
विमल शर्मा
रोहित गुप्ता, चिनैनी
रोहित गुप्ता, चिनैनी
Published by: विमल शर्मा
Updated Fri, 14 Jan 2022 01:47 PM IST
सार
चिनैनी तहसील के धनास में मौजूद शिव मंदिर में मकर संक्रांति के दिन पूजा करने के लिए बड़ी संख्या में लोग पहुंचे। गुफा के अंदर सूर्य की किरण पहुंचते ही वहां जयघोष लगने शुरू हो गए।
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Shiv Mandir Budhakedar
- फोटो : संवाद
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विस्तार
मकर सक्रांति के पावन अवसर पर हर वर्ष की भांति इस बार भी सूर्य देव ने भगवान शिव के दर्शन किए। गुफा के अंदर शिव मंदिर में सूर्य की किरण पहुंचने के बाद वहां पर फिर से अंधेरा छा गया। इस दौरान मौके पर पहुंचे लोगों ने शिव के जयघोष लगाने शुरू कर दिए। हर वर्ष मकर सक्रांति के पावन अवसर पर चिनैनी तहसील के गांव धनास में स्थित बाबा बुढ़ा केदारनाथ में सूर्य देव की किरण गुफा के अंदर तक पहुंची।
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कुछ देर गुफा को रोशन करने के बाद और भगवान शिव के दर्शन करने के बाद सूर्य देव वहां से बाहर आ गए। इसके बाद गुफा में अंधेरा छा गया और बिजली के जरिए गुफा को रोशन किया गया। दरअसल बाबा बुढ़ा केदारनाथ में कई रहस्य छुपे हुए हैं। इस दिन हर वर्ष सूर्य देव की पहली किरण गुफा के अंदर तक पहुंचती है।
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इसके दर्शनों के लिए वहां पर सैकड़ों लोग मौजूद रहते हैं । बाबा बुढ़ा केदारनाथ की गुफा के अंदर सूरज की किरण पहुंचने का कोई भी साधन नहीं है लेकिन मकर संक्राति को ही सूर्य की किरण बाबा बुढ़ा केदारनाथ की गुफा के अंदर जाती है।
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मंदिर कमेटी के प्रधान श्याम सिंह ने बताया कि शुक्रवार कि सुबह से ही भारी संख्या में श्रद्धालु बाबा बुढ़ा केदारनाथ में मौजूद थे। वह भगवान शिव की गुफा के अंदर सूर्य की किरण पड़ने का इंतजार कर रहे थे।
सुबह 9:00 से 10:00 के बीच में सूर्य की किरण गुफा के अंदर तक रही। इस बीच गुफा के अंदर बिजली बंद की गई थी। अंदर सूर्य की किरण पहुंचते ही भगवान शिव के जयघोष गुंजने लगे। कहा जाता है इसी मंदिर में भस्मासुर का अंत भी हुआ था।