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जम्मू-कश्मीर : अब सार्वजनिक उद्देश्य के लिए 400 कनाल तक भूमि अधिग्रहण कर सकेंगे उपायुक्त

Sat, 15 Jan 2022 04:45 AM IST
दुष्यंत शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, जम्मू
अमर उजाला नेटवर्क, जम्मू Published by: दुष्यंत शर्मा Updated Sat, 15 Jan 2022 04:45 AM IST
सार

कृषि भूमि को गैर कृषि उपयोग के लिए राजस्व बोर्ड ने जारी की अधिसूचना। आवेदनकर्ता को प्राधिकरण के समक्ष भूमि प्रयोग के बारे में देनी होगी जानकारी।

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Jammu and Kashmir: Now Deputy Commissioner will be able to acquire land up to 400 kanals for public purpose
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : सोशल मीडिया

विस्तार

जम्मू-कश्मीर में सार्वजनिक उद्देश्य के लिए 400 कनाल (50 एकड़) तक भूमि अधिग्रहण अब संबंधित जिलों के उपायुक्त (डीसी) कर सकेंगे। इस संबंध में राजस्व विभाग के आयुक्त सचिव विजय कुमार बिदुरी ने शुक्रवार को अधिसूचना जारी की। सरकार ने भूमि अधिग्रहण में पारदर्शिता लाने के लिए यह फैसला लिया है। 

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अधिसूचना के तहत मुआवजे का अधिकार, पुनर्वास और पुनर्स्थापना अधिनियम 2013 की धारा तीन के खंड (ई) प्रावधान के तहत सरकार ने प्रत्येक जिले के डीसी को अपने संबंधित क्षेत्राधिकार में सार्वजनिक उद्देश्य के लिए 400 कनाल तक भूमि अधिग्रहण का अधिकार सौंप दिया है। बोर्ड की अधिसूचना के तहत कृषि भूमि के गैर कृषि उद्देश्य प्रयोग के लिए भूमि मालिक को सक्षम प्राधिकरण के समक्ष आवेदन करना होगा। उसे बताना होगा कि उसे कृषि भूमि का आवासीय या किसी अन्य उद्देश्य के लिए प्रयोग करना है। 
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इन दस्तावेजों के साथ करना होगा आवेदन
अधिनियम की धारा 133ए के तहत कृषि भूमि के गैर कृषि उद््देश्य के उपयोग के लिए संबंधित डीसी के वेब पोर्टल पर आवेदन करना होगा। इसके लिए राजस्व दस्तावेजों में जमाबंदी, खसरा, गिरदावरी, आतिमा आदि की जरूरत होगी। सेल डीड या अन्य दस्तावेज की कॉपी लगानी होगी। पेट्रोल पंप या गैस प्लांट आदि लगाने के लिए संबंधित एजेंसी का आशय पत्र भी साथ में संलग्न करना होगा। 
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ये विभाग भी करेंगे भूमि रिकॉर्ड की जांच
आवेदन मिलने के बाद उपायुक्त भूमि के रिकॉर्ड की जांच के लिए आवेदन को राजस्व फील्ड एजेंसियों के अलावा जरूरत के अनुसार बिजली, पानी, सिंचाई और बाढ़ नियंत्रण विभाग, भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण, रेलवे, एयरपोर्ट अथॉरिटी को भी आवेदन फारवर्ड करेंगे, ताकि संबंधित विभाग भूमि रिकॉर्ड की जांच कर सकें। 

जांच के लिए कमेटी होगी गठित
आवेदनों की जांच के लिए जिला स्तर की कमेटी बनेगी। इसमें डीसी अध्यक्ष होंगे और सहायक आयुक्त राजस्व सदस्य सचिव होंगे। उनके समक्ष मंजूरी के लिए आवेदन पेश होगा। कमेटी में सड़क एवं भवन निर्माण विभाग, सिंचाई और बाढ़ नियंत्रण विभाग, प्रदूषण नियंत्रण कमेटी, कृषि, उद्योग और वाणिज्य, जिला वन विकास प्राधिकरण के अधिकारियों को सदस्य के तौर पर मनोनीत किया जाएगा। 

  • जिला स्तर की कमेटी सप्ताह आधार पर बैठक कर भूमि प्रयोग के बदलाव से संबंधित मामलों पर गौर करेगी। हालांकि मामलों के जल्द निपटारे के लिए डीसी सप्ताह में एक से ज्यादा बैठकें भी करवा सकेंगे। 
  • कृषि भूमि के गैर कृषि उद््देश्य के लिए प्रयोग के लिए आवेदनकर्ता को बाजार भाव का पांच फीसदी भूमि बदलाव फीस के तौर पर स्टैंप एक्ट के तहत जमा करवाना होगा। आवेदन पर तीस दिन में फैसला लिया जाएगा। 
  • सहायक आयुक्त राजस्व, एसडीएम और संबंधित तहसीलदार अपने संबंधित क्षेत्राधिकार में अधिसूचना पर अमलीजामा पहनाएंगे।
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