जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल गिरीश चंद्र मुर्मू का इस्तीफा
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मनोज सिन्हा जम्मू-कश्मीर के नए उपराज्यपाल होंगे। गिरीश चंद्र मुर्मू ने कल अपने पद से इस्तीफा दे दिया था। लगभग नौ महीने तक प्रदेश की कमान संभालने वाले मुर्मू का इस्तीफा राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने मंजूर कर लिया है। वह भारत के नियंत्रक व महालेखा परीक्षक (सीएजी) होंगे। मुर्मू ने अनुच्छेद 370 हटने की पहली वर्षगांठ पर त्यागपत्र दिया है।
बुधवार देर शाम अचानक उपराज्यपाल के इस्तीफे की चर्चा शुरू हुई। पूरे दिन उन्होंने सरकारी कामकाज किया। प्रशासनिक परिषद की बैठक की अध्यक्षता की और शाम को उनके इस्तीफे की बात सामने आई।
सूत्रों का कहना है कि मुर्मू को केंद्र में भेजे जाने की कवायद पिछले कई महीने से चल रही थी। सोशल मीडिया पर भी उन्हें हटाए जाने की बात वायरल हुई थी लेकिन तब केंद्र ने उनका बचाव किया था। 1985 बैच के आईएएस अफसर रहे मुर्मू गुजरात के तत्कालीन मुख्यमंत्री रहे नरेंद्र मोदी के प्रधान सचिव रहे थे। मुर्मू वीरवार सुबह नई दिल्ली जाएंगे।
4जी और चुनावों पर बयान बनी थीं सुर्खियां
हाल में मुर्मू ने एक अखबार को इंटरव्यू दिया था जिसमें उन्होंने 4जी सेवाएं बहाल करने में किसी भी प्रकार की आपत्ति न होने तथा जल्द विधानसभा चुनाव कराने की भी बात कही थी। इसे लेकर चुनाव आयोग ने आपत्ति जताई थी कि चुनाव कराने का काम आयोग का है न कि उप राज्यपाल का। केंद्र सरकार ने भी सुप्रीम कोर्ट में कहा था कि 4जी संबंधी मुर्मू के बयानों का वह परीक्षण करेगी।
बता दें कि कल मुर्मू ने सेना की उत्तरी कमान के कमांडर से केंद्र शासित प्रदेश के सुरक्षा प्रबंधन पर चर्चा की थी। उन्हें एलओसी के साथ ही घाटी में सुरक्षा हालात और आपात स्थितियों से निपटने के लिए की गई तैयारियों के बारे में जानकारी दी गई थी।
सैन्य कमांडर ने अग्रिम और अंदरूनी इलाकों में सुरक्षा स्थिति और सेना द्वारा सफलतापूर्वक किए जा रहे आतंकवाद निरोधी अभियानों के बारे में मुर्मू को जानकारी दी थी। उप राज्यपाल ने सेना और आतंकवाद विरोधी गतिविधियों के खिलाफ काम कर रही अन्य सुरक्षा एजेंसियों के बीच प्रभावी तालमेल बनाए रखने के महत्व को रेखांकित किया था। साथ ही जम्मू कश्मीर में शांति और सद्भाव के बनते माहौल को प्रभावी तरीके से बरकरार रखने की जरूरत पर भी बल दिया था।
मुर्मू के इस्तीफे को लेकर जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने भी ट्वीट किया था।
What’s with all this chatter surrounding the LG of J&K? Came out of no where a few hours ago & suddenly it’s all over social media & WhatsApp in J&K.
— Omar Abdullah (@OmarAbdullah) August 5, 2020