एनजीटी ने जम्मू-कश्मीर सरकार को लगाई फटकार
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नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) ने वेस्ट टू एनर्जी प्लांट लगाने में देरी करने पर जम्मू-कश्मीर सरकार को जमकर फटकार लगाई है। ग्रीन बेंच ने कहा कि आदेश के बावजूद एक खूबसूरत जगह को लापरवाही और उदासीनता के चलते बर्बाद किया जा रहा है।
नियमों के मुताबिक न ही घरों से ठोस कचरे का संग्रहण किया जा रहा है और न ही उसका प्रबंधन और निपटारा। यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि इस काम के लिए सरकार अभी तक कोई ठोस नीति भी नहीं तैयार कर सकी है। बेंच ने अगली सुनवाई में मुख्य सचिव व अन्य संबंधित सचिवों के साथ श्रीनगर नगर निगम के कमिश्नर को भी तलब किया है।
जस्टिस स्वतंत्र कुमार की अध्यक्षता वाली बेंच ने वीरवार को मामले की सुनवाई के दौरान ग्रीन बेंच ने कहा कि ट्रिब्यूनल के आदेशों का पालन करने के लिए सरकार के पास सिर्फ एक सप्ताह का वक्त है। इस अवधि में सरकार यह सुनिश्चित करे कि कूड़ा-कचरा शहर में न फैले।
ट्रिब्यूनल के सवालों पर चुप्पी
ग्रीन बेंच ने सरकार की ओर से पेश वकीलों से पूछा कि आखिर कूड़े-कचरे के संग्रहण के लिए अभी तक कोई नियम क्यों नहीं है? क्या इसके लिए भी कैबिनेट के अनुमति की जरूरत होगी। हम आश्चर्यचकित हैं कि पूरे श्रीनगर में कहीं भी कूड़ेदान की व्यवस्था नहीं है।
हर जगह कूड़ा-कचरा बिखरा दिखाई देता है। आखिर आप एमएसडब्ल्यू प्लांट क्यों नहीं लगा रहे हैं। श्रीनगर बेहद खूबसूरत शहरों में एक है। आप लोगों को परेशानी में नहीं डाल सकते।
सुनवाई के दौरान ग्रीन बेंच ने पूछा कि आखिर जो पैसा आपको इन कामों के लिए आवंटित किया गया था वो कहां गया। कम से कम ठोस कचरे के संग्रहण को लेकर आपके पास कोई प्रावधान होना चाहिए। नहीं तो ट्रिब्यूनल नगर निगम को सारा कचरा सचिवालय में डंप करने के लिए आदेश देगा।