फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Jammu and Kashmir ›   Jammu News ›   Jammu and Kashmir: 40 IAS, KAS on the radar in Roshni and gun license racket

जम्मू-कश्मीर : रोशनी और गन लाइसेंस रैकेट में 40 आईएएस, केएएस पर कसेगा शिकंजा

Wed, 28 Jul 2021 01:48 AM IST
दुष्यंत शर्मा अजय मीनिया, जम्मू
अजय मीनिया, जम्मू Published by: दुष्यंत शर्मा Updated Wed, 28 Jul 2021 01:48 AM IST
सार

  • सीबीआई को केंद्रीय गृह विभाग से मिली कार्रवाई की छूट के बाद जांच में आई तेजी
  • पूर्व में कई मामलों में आईएएस और आईपीएस अफसर सरकारों के प्रभाव से बचते रहे

विज्ञापन
Jammu and Kashmir: 40 IAS, KAS on the radar in Roshni and gun license racket
CBI raids in jammu kashmir in Gun license case - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

बहुचर्चित रोशनी घोटाला और फर्जी गन लाइसेंस रैकेट में आईएएस, केएएस कैडर के करीब 40 अफसर सीबीआई के रडार पर हैं। इन पर सीबीआई कड़ी कार्रवाई करने की तैयारी में है। केंद्रीय गृह विभाग की ओर से सीबीआई को छूट मिलने के बाद जांच में तेजी लाई गई है।

विज्ञापन


पूर्व में जम्मू-कश्मीर के कई आईएएस, आईपीएस, केएएस अफसर अलग-अलग मामलों में फंस चुके हैं, लेकिन पूर्व सरकारों के प्रभाव से यह बच जाते थे। लेकिन हाल ही में सीबीआई ने गन लाइसेंस मामले में दो आईएएस अफसरों के आवास पर छापा मारकर साफ कर दिया है कि सरकार आईएएस क्लब को भी बख्शेगी नहीं। सीबीआई सूत्रों का कहना है कि इन दोनों स्कैम में 40 से ज्यादा आईएएस, केएएस अफसर सीबीआई के रडार पर हैं। 
विज्ञापन


जल्द ही सीबीआई इन पर कार्रवाई कर सकती है। इनमें से विभिन्न जिलों के उपायुक्त थे, जो इस समय या तो प्रदेश या फिर केंद्र में अलग-अलग विभागों के सचिव हैं। सीबीआई इन सभी अधिकारियों से पूछताछ करेगी। इनके आवास और कार्यालय भी खंगाले जा सकते हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन


किसी अफसर को नहीं मिल पाई सूचना
25 जुलाई को जब सीबीआई ने एक साथ 40 जगहों पर छापा मारा तो किसी अफसर या गन डीलर को इसकी भनक तक नहीं लगी। यहां तक कि सीबीआई ने पुलिस और सीआरपीएफ के साथ मिलकर छापा मारा और सारे दस्तावेज जांचे गए। सीबीआई ने जांच प्रक्रिया को गोपनीय ढंग से अंजाम दिया।

खांडे और अजीत के अलावा किसी पर हाथ नहीं डाला
जम्मू-कश्मीर में आईएएस, आईपीएस, जेकेएएस अफसरों को गिरफ्तार करने या कार्रवाई करने की कोई खास परपंरा नहीं रही है। पूर्व मुख्य सचिव अजीत कुमार और इकबाल खांडे को छोड़ दिया जाए तो किसी मामले को लेकर कार्रवाई नहीं हुई। 1970 बैच के आईएएस अधिकारी अजीत कुमार पर 2004 में स्कूलों में दिए जाने वाली जूट चटाई घोटाले का एंटी करप्शन ब्यूरो ने केस दर्ज किया था। इसके बाद वह गिरफ्तार किए गए।


चार्जशीट पेश हुई, लेकिन कुमार के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं हुई। इसी तरह से आईएएस अधिकारी इकबाल खांडे 2006 में सैक्स स्कैंडल में पकड़े गए। बाद में छूट गए और मुख्य सचिव भी बने। हालांकि, बाद में उनका निधन हो गया।







 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed