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Jammu News: संभाग का पहला चिड़ियाघर जंबू जू तैयार, एलजी आज करेंगे उद्धाटन
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अमर उजाला ब्यूरो
जम्मू। नगरोटा में जम्मू संभाग के पहले चिड़ियाघर जंबू जू का पहले चरण का काम समाप्त हो गया है। उप राज्यपाल मनोज सिन्हा सोमवार को इसे लोगों को समर्पित करेंगे। जू में गुजरात के शेर, नंदनकानन जूलॉजिकल पार्क ओडिशा के बाघ और लखनऊ जू से घड़ियाल लाए गए हैं।
जू का सबसे बड़ा आकर्षण जंगल सफारी की तर्ज पर जू की सफारी होगा। इसमें 17 बड़ी और छोटी प्रजातियों के जानवर व पक्षियों को भी रखा गया है। पहले चरण में गुजरात जू से शेर का एक जोड़ा लाया गया है। इसी तरह नंदनकानन जूलॉजिकल पार्क ओडिशा से एक जोड़ा बाघ और लखनऊ जू से दस घड़ियाल लाए गए हैं। जंबू जू की 62.17 करोड़ रुपये की परियोजना को वर्ष 2016 में कैंपा के तहत शुरू किया गया था। अब तक परियोजना पर 25 करोड़ की राशि खर्च की जा चुकी है। करीब 3200 कनाल भूमि पर इसका निर्माण किया जा रहा है। जू में काला भालू, स्लॉथ भालू, मगरमच्छ, तेंदुए, हिरण और सांप की विभिन्न प्रजातियां मौजूद हैं। इन्हें रखने के लिए विशाल इंक्लोजर का निर्माण किया गया है। अभी स्थानीय लोग व पर्यटक जम्मू शहर के मांडा डियर पार्क में रखे जंगली जानवरों को देखने जाते हैं। इस चिड़ियाघर में हिरण की सबसे ज्यादा प्रजातियां रखी गई हैं। इसमें सफारी की व्यवस्था भी रहेगी। सफारी के लिए जू का क्षेत्रफल भी 163.5 हेक्टेयर से बढ़ाकर 229.5 हेक्टेयर कर दिया गया है। जम्मू शहर के निकट होने से ईको टूरिज्म को बढ़ावा मिलेगा। इससे स्थानीय लोगों के लिए रोजगार के अवसर पैदा होंगे।
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जम्मू। नगरोटा में जम्मू संभाग के पहले चिड़ियाघर जंबू जू का पहले चरण का काम समाप्त हो गया है। उप राज्यपाल मनोज सिन्हा सोमवार को इसे लोगों को समर्पित करेंगे। जू में गुजरात के शेर, नंदनकानन जूलॉजिकल पार्क ओडिशा के बाघ और लखनऊ जू से घड़ियाल लाए गए हैं।
जू का सबसे बड़ा आकर्षण जंगल सफारी की तर्ज पर जू की सफारी होगा। इसमें 17 बड़ी और छोटी प्रजातियों के जानवर व पक्षियों को भी रखा गया है। पहले चरण में गुजरात जू से शेर का एक जोड़ा लाया गया है। इसी तरह नंदनकानन जूलॉजिकल पार्क ओडिशा से एक जोड़ा बाघ और लखनऊ जू से दस घड़ियाल लाए गए हैं। जंबू जू की 62.17 करोड़ रुपये की परियोजना को वर्ष 2016 में कैंपा के तहत शुरू किया गया था। अब तक परियोजना पर 25 करोड़ की राशि खर्च की जा चुकी है। करीब 3200 कनाल भूमि पर इसका निर्माण किया जा रहा है। जू में काला भालू, स्लॉथ भालू, मगरमच्छ, तेंदुए, हिरण और सांप की विभिन्न प्रजातियां मौजूद हैं। इन्हें रखने के लिए विशाल इंक्लोजर का निर्माण किया गया है। अभी स्थानीय लोग व पर्यटक जम्मू शहर के मांडा डियर पार्क में रखे जंगली जानवरों को देखने जाते हैं। इस चिड़ियाघर में हिरण की सबसे ज्यादा प्रजातियां रखी गई हैं। इसमें सफारी की व्यवस्था भी रहेगी। सफारी के लिए जू का क्षेत्रफल भी 163.5 हेक्टेयर से बढ़ाकर 229.5 हेक्टेयर कर दिया गया है। जम्मू शहर के निकट होने से ईको टूरिज्म को बढ़ावा मिलेगा। इससे स्थानीय लोगों के लिए रोजगार के अवसर पैदा होंगे।
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