{"_id":"57e6c4334f1c1b4f5aa83d7e","slug":"j-k-government-to-support-centre-on-indus-water-treatty","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"सिंधु जल समझौते पर केंद्र का समर्थन करेगी जम्मू-कश्मीर सरकार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
सिंधु जल समझौते पर केंद्र का समर्थन करेगी जम्मू-कश्मीर सरकार
ब्यूरो, अमर उजाला/जम्मू
Updated Sun, 25 Sep 2016 11:18 AM IST
विज्ञापन
सिंधु जल समझौता
- फोटो : File Photo
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
रियासत के डिप्टी सीएम डा. निर्मल कुमार सिंह ने कहा है कि सिंधु जल समझौते पर राज्य सरकार केंद्र सरकार के फैसले का समर्थन करेगी। 1960 के इस समझौते पर केंद्र सरकार जो भी फैसला लेगी राज्य सरकार उसके साथ होगी।
भाजपा राष्ट्रीय परिषद सम्मेलन में भाग लेने कोझीकोड पहुंचे डा. सिंह ने पत्रकारों से कहा कि समझौते के कारण रियासत को भारी नुकसान हुआ है। राज्य के नागरिक पहले से ही सिंधु जल समझौते से नुकसान का मुद्दा उठाते रहे हैं।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार किसी भी ऐसे कदम का समर्थन करेगी जो वहां के नागरिकों के हित में हो और जिससे पाकिस्तान दबाव में आए।
विज्ञापन
भाजपा राष्ट्रीय परिषद सम्मेलन में भाग लेने कोझीकोड पहुंचे डा. सिंह ने पत्रकारों से कहा कि समझौते के कारण रियासत को भारी नुकसान हुआ है। राज्य के नागरिक पहले से ही सिंधु जल समझौते से नुकसान का मुद्दा उठाते रहे हैं।
विज्ञापन
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार किसी भी ऐसे कदम का समर्थन करेगी जो वहां के नागरिकों के हित में हो और जिससे पाकिस्तान दबाव में आए।
'पाकिस्तान ने नहीं किया समझौते का पालन'
निर्मल सिंह,भाजपा
- फोटो : Amar Ujala
उन्होंने पाकिस्तान पर हमले करते हुए कहा कि वह भारत के साथ समझौते का पालन करने में विफल रहा है। विशेषकर 1972 के शिमला समझौते का।
तत्कालीन भारतीय प्रधानमंत्री अटल विहारी वाजपेयी और पाकिस्तानी प्रधानमंत्री जनरल परवेज मुशर्रफ के बीच लाहौर घोषणा का भी पाकिस्तान ने पालन नहीं किया, जिसमें कहा गया था कि वह अपनी जमीन का इस्तेमाल आतंक के लिए नहीं होने देगा।
वह लगातार आतंक को बढ़ावा दे रहा है। उन्होंने कहा कि यदि पाकिस्तान समझौते तथा घोषणा का आदर नहीं करता है तो फिर वे क्यों करें। यह अधिक दिनों तक नहीं चलेगा।
तत्कालीन भारतीय प्रधानमंत्री अटल विहारी वाजपेयी और पाकिस्तानी प्रधानमंत्री जनरल परवेज मुशर्रफ के बीच लाहौर घोषणा का भी पाकिस्तान ने पालन नहीं किया, जिसमें कहा गया था कि वह अपनी जमीन का इस्तेमाल आतंक के लिए नहीं होने देगा।
वह लगातार आतंक को बढ़ावा दे रहा है। उन्होंने कहा कि यदि पाकिस्तान समझौते तथा घोषणा का आदर नहीं करता है तो फिर वे क्यों करें। यह अधिक दिनों तक नहीं चलेगा।
घाटी में तैनात जवान
- फोटो : PTI
उन्होंने विश्वास जताया कि घाटी में जल्द ही शांति लौटेगी। केंद्र तथा राज्य सरकार इस दिशा में प्रयासरत हैं। अब स्थिति नियंत्रण में है। पाकिस्तान सीधे आतंकियों को भेजकर जम्मू-कश्मीर में माहौल बिगाड़ रहा है।
गौरतलब है कि कश्मीर घाटी में 8 जुलाई को हिजबुल कमांडर बुरहान वानी के मारे जाने के बाद भड़की हिंसा अब तक जारी है । हिंसा के चलते कश्मीर के कई जिलों में कर्फ्यू लगाया गया है ।
गौरतलब है कि कश्मीर घाटी में 8 जुलाई को हिजबुल कमांडर बुरहान वानी के मारे जाने के बाद भड़की हिंसा अब तक जारी है । हिंसा के चलते कश्मीर के कई जिलों में कर्फ्यू लगाया गया है ।