अब ऑनलाइन हुए PCB और LRMA
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
जेएंडके स्टेट प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को ई-कनसेंट मैनेजमेंट एंड मानिटिरिंग के तहत ऑनलाइन कर दिया गया है। अब कोई भी आनलाइन प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड में एनओसी के लिए आवेदन भर सकता है। इसमें उद्योगपतियों को कई तरह की आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध करवाई जा रही हैं।
शुक्रवार को इसका उद्घाटन जेएंडके प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के चेयरमैन सुरेश चुग ने किया। इसकी विस्तृत जानकारी कर्मचारियों को उपलब्ध करवाने के लिए कार्यशाला भी आयोजित की गई। चुग ने कहा कि इससे प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की कार्यप्रणाली में पारदर्शिता आएगी। लोगों को आवेदन भरने के लिए कार्यालयों के चक्कर नहीं लगाने पडे़गे।
लोग आनलाइन ही अपने कागजात जमा करवा सकेंगे। इससे काम करने वाले कर्मचारियों को भी राहत मिलेगी। इसके अलावा लोग आवेदन से संबंधित जानकारी को भी लगातार हासिल कर सकेंगे। उन्होंने बताया कि लंबे समय से इसको लेकर काम किया जा रहा था।
इस उपलब्धि को हासिल करने में इंजीनियर जेएन शर्मा, अनिल कुमार ने भी अहम भूमिका निभाई है। पीसीबी मेंबर सेक्रेटरी इकबाल पंजू ने कर्मचारियों को आनलाइन सुविधा से संबंधित विस्तृत जानकारी देकर जागरूक किया। इस मौके पर जेएन शर्मा, शौकत चौधरी व अन्य कई अधिकारी मौजूद थे।
आधुनिक तरीके से संभाला जाएगा जमीन का रिकार्ड
राज्यवासियों को पहली बार डिजिटल लैंड टाइटलिंग गारंटी की सुविधा मिलने वाली है। इसके पहले चरण का काम जल्द पूरा होने वाला है। इस योजना के तहत राज्यवासी अपने जमीन के रिकार्ड को जेएकेलएआरएमए की साइट पर देख सकेंगे। साथ ही जमीन को बेचने व खरीदने के लिए आनलाइन आवेदन भर सकेंगे।
इसके प्रोजेक्ट के तहत डाटा एंट्री, डिजिटलाइजेशन, कैडेस्ट्रल मैप व अन्य कई तरह की सुविधाएं लोगों को मिलेगी। जेएंडके लैंड रिकार्ड मैनेजमेंट की तरफ से इस प्रोजेक्ट को 2013 में एक एजेंसी को सौंपा गया था। इस योजना को राज्य के 12 जिलों में लागू किया जाना है।
पहले चरण में यह सुविधा जम्मू व श्रीनगर को मिलने जा रही है। दूसरे चरण में यह सुविधा अन्य दस जिलों को मिलने लगेगी। इससे पहले लोगों को राजस्व विभाग के लगातार चक्कर लगाने पड़ते थे, लेकिन इस योजना के पूरा होने के बाद उनकी काफी परेशानी कम हो जाएगी। इससे काम में भी पारदर्शिता आएगी। 2015 में इसके पूरा होने की पूरी संभावना है।