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Hindi News ›   Jammu and Kashmir ›   Jammu News ›   It's a political problem, they have to talk to Pak also says Farooq Abdullah

वार्ता के ऐलान का महबूबा ने किया स्वागत, फारूक बोले-पाक के लोगों से भी करनी होगी बात

Tue, 24 Oct 2017 11:20 AM IST
ब्यूरो/ अमर उजाला, श्रीनगर
ब्यूरो/ अमर उजाला, श्रीनगर Updated Tue, 24 Oct 2017 11:20 AM IST
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It's a political problem, they have to talk to Pak also says Farooq Abdullah
फारूक अब्दुल्ला और महबूबा मुफ्ती - फोटो : ani
कश्मीर मसले के हल के लिए केंद्र सरकार की ओर से किए गए वार्ता के ऐलान का मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने स्वागत किया है। वहीं पूर्व सीएम फारूक अब्दुल्ला ने कहा है कि इन समस्याओं में पाकिस्तान भी एक पार्टी है।
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फारूक ने कहा कि ये एक राजनीतिक समस्या है। ये सिर्फ जम्मू-कश्मीर के लोगों से ही नहीं बल्कि पाकिस्तान के लोगों से भी बातचीत करनी होगी, क्योंकि पाक भी इस मुद्दे में एक पार्टी है। 
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मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने केंद्र के इस फैसले का स्वागत करते हुए कहा कि यह वार्ता समय की जरूरत है। साथ ही उन्होंने केंद्र सरकार की तारीफ करते हुए कहा कि ये एक अच्छी शुरुआत है। 
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यह वार्ता प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 15 अगस्त को दिए गए उस भाषण का ही परिणाम है, जिसमें प्रधानमंत्री ने कहा था कि न गोली से न गाली से कश्मीर की समस्या सुलझेगी गले लगाने से। 

सीएम महबूबा मुफ्ती ने कहा कि वह एक अच्छे इंसान हैं, उनकी विश्वसनीयता बहुत ज्यादा है। उन्होंने नॉर्थ-ईस्ट से भी बीतचीत की थी। 

'यह निर्णय उन ताकतों की हार है जो बंदूक से इस मसले के समाधान में विश्वास रखते हैं'

It's a political problem, they have to talk to Pak also says Farooq Abdullah
मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती - फोटो : ani
वहीं सरकार के फैसले पर दिनेश्वर शर्मा का भी बयान आया है। उन्होंने कहा है कि ऐसे मामले में रैंक का सवाल नहीं होता। सरकार ने बड़ी जिम्मेदारी दी है। मैं जल्द ही कश्मीर जाऊंगा। हमारी पहली प्राथमिकता है जम्मू-कश्मीर में शांति बहाल करने की।  साथ ही इस मुद्दे पर अलगाववादियों समेत सभी पक्षों से बातचीत के केंद्र के ऐलान पर पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने कहा कि यह निर्णय उन ताकतों की हार है जो बंदूक से इस मसले के समाधान में विश्वास रखते हैं।

उमर ने यह ट्वीट केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह की ओर से कश्मीर मसले के हल के लिए पूर्व आईबी चीफ दिनेश्वर शर्मा को केंद्रीय प्रतिनिधि के तौर पर नियुक्त करने के बाद किया है। पूर्व मुख्यमंत्री ने ट्वीट किया कि दिमाग खुला रखेंगे और बातचीत की प्रक्रिया के परिणाम का वह इंतजार करेंगे।

उन्होंने कहा कि अब एनआईए जो आतंकी फंडिंग के मामलों की जांच कर रही है, उनका क्या होगा। हिरासत में जो हुर्रियत नेता हैं, उनसे बातचीत के लिए क्या जांच को निलंबित कर दिया जाएगा। 
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