ISI जासूसी कांड: बीएसएफ के रिटायर्ड कर्मी सहित दो गिरफ्तार
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सेना और बीएसएफ की महत्वपूर्ण जानकारियां पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई को उपलब्ध करवाने के मामले में दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने बीएसएफ के एक रिटायर्ड कर्मी सहित दो लोगों को गिरफ्तार किया है।
क्राइम ब्रांच की टीम दोनों को अपने साथ नई दिल्ली ले गई है, जहां उनसे गहन पूछताछ की जाएगी। बताया जाता है कि बीएसएफ का एक नाई और शिक्षा विभाग का चपरासी घटना के बाद से फरार हैं। उनकी तलाश में भी क्राइम ब्रांच ने मंजाकोट में कई स्थानों पर छापे मारे, लेकिन वह हत्थे नहीं चढ़े।
मिली जानकारी के अनुसार क्राइम ब्रांच की टीम बुधवार को फिर राजोरी पहुंची और 2011 में रिटायर हो चुके बीएसएफ कर्मी अब्दुल अजीज (निवासी कप्पा खा डन्नी धार) और नागरिक मनव्वर हुसैन (निवासी मंजाकोट) को गिरफतार किया।
बीएसएफ का नाई और शिक्षा विभाग का चपरासी फरार
सूत्रों के अनुसार दोनों कफायतुल्ला और बीएसएफ कर्मी अब्दुल रशीद के करीबी बताए जा रहे हैं। छापे की जानकारी मिलने के बाद बीएसएफ का एक नाई व शिक्षा विभा का चपरासी फरार हो गए। बीएसएफ में तैनात नाई पहले शहर में ही कहीं काम करता था।
उसे हेड कांस्टेबल रशीद ने ही बीएसएफ में भर्ती करवाया था। वह नाई के मार्फत आवश्यक जानकारियां लाइब्रेरियन को भेजता था। वहीं फरार शिक्षा विभाग का चपरासी भी शिक्षा कर्मी के साथ मिलीभगत से जासूसी कांड में पूरी तरह से शामिल पाया गया है।
इस जासूसी कांड में सेना के दो जवानों के नाम भी सामने आ रहे हैं। सूत्रों के अनुसार आने वाले कुछ दिनों में उन्हें भी गिरफ्तार किया जा सकता है। उल्लेखनीय है कि इससे पहले क्राइम ब्रांच ने बीएसएफ के हेड कांस्टेबल अब्दुल रशीद और शिक्षा विभाग के असिस्टेंट लाइब्रेरियन कफायतुल्ला को गिरफ्तार किया है।
उनसे पूछताछ के आधार पर और कई लोगों के नामों के खुलासे हुए हैं, जो पाकिस्तान इंटेलिजेंस आपरेटिव (पीआईओ) के एजेंट के रूप में काम करते हैं। साथ ही देश की सुरक्षा व्यवस्था की महत्वपूर्ण जानकारियां पाकिस्तान को भेजते हैं।