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मुख्यमंत्री ने 9 परियोजनाओं का किया निरीक्षण, निर्माण कार्यों की धीमी गति पर जताई नाराजगी
ब्यूरो, अमर उजाला/जम्मू
Updated Fri, 18 Nov 2016 11:13 PM IST
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विकास कार्यों का निरीक्षण करतीं मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती
- फोटो : Amar Ujala
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तवी नदी पर बने चौथे पुल के बाढ़ के दौरान दो बार क्षतिग्रस्त होने पर मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने नाराजगी जताई है। उन्होंने पीडब्ल्यूडी विभाग के कमिश्नर सेक्रेटरी रोहित कंसल को निर्माण कार्य की जांच के आदेश दिए। महबूबा ने शुक्रवार को पुल का निरीक्षण किया। उप मुख्यमंत्री डॉ. निर्मल सिंह के साथ उन्होंने शहर में चल रहीं 9 विकास परियोजनाओं का मौके पर जाकर निरीक्षण किया।
मुख्यमंत्री ने संबंधित अधिकारियों से कहा कि पुल निर्माण के विभिन्न पहलुओं की जांच कराई जाए। घटिया निर्माण कार्य तथा डिजाइन की वजह से पुल का एक हिस्सा क्षतिग्रस्त हुआ है। 174 करोड़ की लागत से तैयार 750 मीटर का चौथा पुल वर्ष 2014 और 2016 में बाढ़ के दौरान क्षतिग्रस्त हो चुका है। मरम्मत कार्य के लिए इस पुल को काफी दिन तक बंद कर दिया गया था।
सितंबर में पुल पर एकतरफा यातायात शुरू किया गया है। यह फैसला तीन महीने से अधिक समय तक पुल के बंद रहने के बाद लोगों द्वारा विरोध प्रदर्शन करने के चलते लिया गया। नवंबर 2014 में भी राज्य सतर्कता आयोग ने पुल के हिस्से के क्षतिग्रस्त होने के मामले में जांच के आदेश दिए थे। शिकायत थी कि निर्माण कार्य में घटिया सामग्री का इस्तेमाल किया गया।
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ज्ञात हो कि तत्कालीन मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने 17 मई 2013 को इस पुल का उद्घाटन किया था। सितंबर 2014 में आई बाढ़ में इसका एप्रोच रोड बह गया था। इसके बाद छह महीने के लिए इसे बंद करना पड़ा था।
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मुख्यमंत्री ने संबंधित अधिकारियों से कहा कि पुल निर्माण के विभिन्न पहलुओं की जांच कराई जाए। घटिया निर्माण कार्य तथा डिजाइन की वजह से पुल का एक हिस्सा क्षतिग्रस्त हुआ है। 174 करोड़ की लागत से तैयार 750 मीटर का चौथा पुल वर्ष 2014 और 2016 में बाढ़ के दौरान क्षतिग्रस्त हो चुका है। मरम्मत कार्य के लिए इस पुल को काफी दिन तक बंद कर दिया गया था।
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सितंबर में पुल पर एकतरफा यातायात शुरू किया गया है। यह फैसला तीन महीने से अधिक समय तक पुल के बंद रहने के बाद लोगों द्वारा विरोध प्रदर्शन करने के चलते लिया गया। नवंबर 2014 में भी राज्य सतर्कता आयोग ने पुल के हिस्से के क्षतिग्रस्त होने के मामले में जांच के आदेश दिए थे। शिकायत थी कि निर्माण कार्य में घटिया सामग्री का इस्तेमाल किया गया।
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ज्ञात हो कि तत्कालीन मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने 17 मई 2013 को इस पुल का उद्घाटन किया था। सितंबर 2014 में आई बाढ़ में इसका एप्रोच रोड बह गया था। इसके बाद छह महीने के लिए इसे बंद करना पड़ा था।