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खेल दिवस: जम्मू-कश्मीर में बनने थे 22 इंडोर स्टेडियम, पांच साल में सिर्फ 15 ही बने
Mon, 29 Aug 2022 04:34 PM IST
kumar गुलशन कुमार
अमर उजाला नेटवर्क, जम्मू
अमर उजाला नेटवर्क, जम्मू
Published by: kumar गुलशन कुमार
Updated Mon, 29 Aug 2022 04:34 PM IST
सार
जम्मू-कश्मीर में 22 इंडोर स्टेडियम का निर्माण करना था। हर जिले में एक स्टेडियम बनना था, लेकिन पांच साल में सिर्फ 15 ही स्टेडियम बन पाए हैं।
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indoor stadium
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
खेलों की दुनिया में जम्मू-कश्मीर देश के अन्य राज्यों के मुकाबले काफी पिछड़ा हुआ है। इसका बड़ा कारण खेल ढांचे का अभाव है। जम्मू और श्रीनगर जिले को छोड़ अधिकांश जिलों में खेलों का बुनियादी ढांचा ही नहीं है। 2016 में प्रधानमंत्री विकास पैकेज के तहत खेल ढांचे के विकास के लिए 200 करोड़ रुपये जारी हुए थे। इस पैसे से 22 इंडोर स्टेडियम का निर्माण करना था। हर जिले में एक स्टेडियम बनना था, लेकिन पांच साल में सिर्फ 15 ही स्टेडियम बन पाए हैं, जबकि सात का काम अधूरा है।
डोडा, हंदवाड़ा, कारगिल, पुंछ, किश्तवाड़, शोपियां और रामबन में अभी तक इंडोर स्टेडियम नहीं बन पाया है। इन जिलों में खेलों में खिलाड़ियों की भागीदारी भी कम है। बुनियादी खेल ढांचा नहीं होने से युवा पेशेवर रूप से खेलों से नहीं जुड़ पाते हैं। युवाओं के पास आउटडोर खेल, जिसमें क्रिकेट और वॉलीबाल ही विकल्प होता है। 22 इंडोर स्टेडियम के निर्माण का जिम्मा स्पोर्ट्स काउंसिल, जम्मू-कश्मीर प्रोजेक्ट कंस्ट्रक्शन कारपोरेशन लिमिटेड (जेकेपीसीसी) को था। स्पोर्ट्स काउंसिल ने तो स्टेडियम का काम पूरा कर लिया है, लेकिन जेकेपीसीसी निर्माण कार्य पूरा नहीं कर पाई है। मई में एलजी के सलाहकार ने बैठक कर जेकेपीसीसी को सितंबर तक काम पूरा करने के निर्देश दिए थे, लेकिन जेकेपीसीसी निर्माण कार्य तय समय में पूरा नहीं कर पाई।
यहां तैयार हैं इंडोर स्टेडियम
गांदरबल, रामनगर (उधमुपर), बांदीपोरा, बिलावर (कठुआ), सांबा, अनंतनाग, त्राल, पुलवामा, बडगाम, श्रीनगर, कोटरंका (राजोरी), रियासी, बारामुला, कुलगाम और भगवती नगर जम्मू में इंडोर स्टेडियम हैं।
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इन इंडोर स्टेडियम का काम अधूरा
डोडा, हंदवाड़ा, कारगिल, मंडी (पुंछ), किश्तवाड़, शोपियां, रामबन के गूल में इंडोर स्टेडियम का काम पूरा नहीं हो पाया है।
निर्माण कार्य में देरी की जिम्मेदारी एक-दूसरे पर थोप रहे विभाग
डोडा, किश्तवाड़ और रामबन जिले में इंडोर स्टेडियम के निर्माण का जिम्मेदारी जेकेपीसीसी को दिया गया है, लेकिन अभी तक इन इंडोर स्टेडियम को तैयार नहीं किया है। इस बारे में जब युवा सेवाएं एवं खेल सचिव सरमद हफीज से निर्माण कार्य में देरी का कारण पूछा तो उन्होंने कहा कि हमने निर्माण एजेंसी को समय पर काम पूरा करने के निर्देश दिए हैं।
जम्मू शहर में खेल प्रोजेक्ट का निर्माण कार्य भी अधूरा
जम्मू विश्वविद्यालय में सिंथेटिक एथलेटिक ट्रैक और परेड फुटबॉल मैदान पर एस्ट्रो टर्फ बिछाने का काम भी पूरा नहीं हो पाया है। शहर में फुटबॉल के दो मैदान हैं। निर्माण कार्य के चलते मिनी स्टेडियम परेड में दो साल से खेल गतिविधियां नहीं हो पा रही हैं। वहीं, जीजीएम साइंस कॉलेज में फुटबॉल मैदान में धूल-मिट्टी जमा है। इस तरह एमए स्टेडियम में ऑल वेदर स्विमिंग पूल का निर्माण कार्य भी लटका हुआ है।
क्या कहते हैं अधिकारी
डीपीआर में बदलाव के कारण इंडोर स्टेडियम के निर्माण में देरी हुई है। अगले तीन महीनों में निर्माण कार्य पूरा करने का लक्ष्य है। -राजेश श्वान, एमडी, जम्मू-कश्मीर प्रोजेक्ट कंस्ट्रक्शन कारपोरेशन लिमिटेड (जेकेपीसीसी)।
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डोडा, हंदवाड़ा, कारगिल, पुंछ, किश्तवाड़, शोपियां और रामबन में अभी तक इंडोर स्टेडियम नहीं बन पाया है। इन जिलों में खेलों में खिलाड़ियों की भागीदारी भी कम है। बुनियादी खेल ढांचा नहीं होने से युवा पेशेवर रूप से खेलों से नहीं जुड़ पाते हैं। युवाओं के पास आउटडोर खेल, जिसमें क्रिकेट और वॉलीबाल ही विकल्प होता है। 22 इंडोर स्टेडियम के निर्माण का जिम्मा स्पोर्ट्स काउंसिल, जम्मू-कश्मीर प्रोजेक्ट कंस्ट्रक्शन कारपोरेशन लिमिटेड (जेकेपीसीसी) को था। स्पोर्ट्स काउंसिल ने तो स्टेडियम का काम पूरा कर लिया है, लेकिन जेकेपीसीसी निर्माण कार्य पूरा नहीं कर पाई है। मई में एलजी के सलाहकार ने बैठक कर जेकेपीसीसी को सितंबर तक काम पूरा करने के निर्देश दिए थे, लेकिन जेकेपीसीसी निर्माण कार्य तय समय में पूरा नहीं कर पाई।
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यहां तैयार हैं इंडोर स्टेडियम
गांदरबल, रामनगर (उधमुपर), बांदीपोरा, बिलावर (कठुआ), सांबा, अनंतनाग, त्राल, पुलवामा, बडगाम, श्रीनगर, कोटरंका (राजोरी), रियासी, बारामुला, कुलगाम और भगवती नगर जम्मू में इंडोर स्टेडियम हैं।
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इन इंडोर स्टेडियम का काम अधूरा
डोडा, हंदवाड़ा, कारगिल, मंडी (पुंछ), किश्तवाड़, शोपियां, रामबन के गूल में इंडोर स्टेडियम का काम पूरा नहीं हो पाया है।
निर्माण कार्य में देरी की जिम्मेदारी एक-दूसरे पर थोप रहे विभाग
डोडा, किश्तवाड़ और रामबन जिले में इंडोर स्टेडियम के निर्माण का जिम्मेदारी जेकेपीसीसी को दिया गया है, लेकिन अभी तक इन इंडोर स्टेडियम को तैयार नहीं किया है। इस बारे में जब युवा सेवाएं एवं खेल सचिव सरमद हफीज से निर्माण कार्य में देरी का कारण पूछा तो उन्होंने कहा कि हमने निर्माण एजेंसी को समय पर काम पूरा करने के निर्देश दिए हैं।
जम्मू शहर में खेल प्रोजेक्ट का निर्माण कार्य भी अधूरा
जम्मू विश्वविद्यालय में सिंथेटिक एथलेटिक ट्रैक और परेड फुटबॉल मैदान पर एस्ट्रो टर्फ बिछाने का काम भी पूरा नहीं हो पाया है। शहर में फुटबॉल के दो मैदान हैं। निर्माण कार्य के चलते मिनी स्टेडियम परेड में दो साल से खेल गतिविधियां नहीं हो पा रही हैं। वहीं, जीजीएम साइंस कॉलेज में फुटबॉल मैदान में धूल-मिट्टी जमा है। इस तरह एमए स्टेडियम में ऑल वेदर स्विमिंग पूल का निर्माण कार्य भी लटका हुआ है।
क्या कहते हैं अधिकारी
डीपीआर में बदलाव के कारण इंडोर स्टेडियम के निर्माण में देरी हुई है। अगले तीन महीनों में निर्माण कार्य पूरा करने का लक्ष्य है। -राजेश श्वान, एमडी, जम्मू-कश्मीर प्रोजेक्ट कंस्ट्रक्शन कारपोरेशन लिमिटेड (जेकेपीसीसी)।