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एलओसी LIVE: आतंकियों के मंसूबों को नाकाम करता है सेना का एलओएस
ब्यूरो, अमर उजाला/जम्मू
Updated Tue, 11 Oct 2016 03:23 PM IST
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Indian Army
- फोटो : Amar Ujala
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पर्वतीय इलाके में घने जंगल के बीच से गुजरती एलओसी पर घुसपैठ की कोशिशों को नाकाम करना टेढ़ी खीर है। सेना के जवान फिर भी पाक के नापाक मंसूबों पर भारी पड़ते हैं। इसके लिए कठोर ट्रेनिंग के साथ-साथ एओएस यानी एंटी इनफिल्ट्रेशन आब्स्टेकल सिस्टम जवानों की मदद करता है।
एलओसी चूंकि दुरूह इलाके से गुजरती है, लिहाजा घुसपैठ की कोशिश को ताड़ने और उसे रोकने में कई दिक्कतें आती हैं। लेकिन सेना का एंटी इनफिल्ट्रेशन आब्स्टेकल सिस्टम इसे बखूबी अंजाम देता है।एओएस से जुड़े एक जवान ने बताया ये सिस्टम एलओसी की जरूरत है।
तारबंदी के साथ साथ एलओसी पर ऐसी मुश्किलें खड़ी की जाती हैं जिससे कोई भी हलचल फौरन रिपोर्ट हो जाती है। अत्याधुनिक तकनीक का इस्तेमाल कर एओएस सिस्टम में करंट का सहारा भी लिया जाता है। दुशमन यदि घुसपैठ करने की कोशिश करता है तो एओएस उसे आगे बढ़ने से रोकता है।
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एलओसी चूंकि दुरूह इलाके से गुजरती है, लिहाजा घुसपैठ की कोशिश को ताड़ने और उसे रोकने में कई दिक्कतें आती हैं। लेकिन सेना का एंटी इनफिल्ट्रेशन आब्स्टेकल सिस्टम इसे बखूबी अंजाम देता है।एओएस से जुड़े एक जवान ने बताया ये सिस्टम एलओसी की जरूरत है।
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तारबंदी के साथ साथ एलओसी पर ऐसी मुश्किलें खड़ी की जाती हैं जिससे कोई भी हलचल फौरन रिपोर्ट हो जाती है। अत्याधुनिक तकनीक का इस्तेमाल कर एओएस सिस्टम में करंट का सहारा भी लिया जाता है। दुशमन यदि घुसपैठ करने की कोशिश करता है तो एओएस उसे आगे बढ़ने से रोकता है।
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एलओसी प्रदर्शन स्थल की तरह
Indian Army
- फोटो : PTI
यही वजह है कि घुसपैठ के लिए दुशमन नालों का सहारा लेता है जिस पर खास निगरानी रहती है। एक अन्य जवान ने बताया ट्रेनिंग के दौरान जो कुछ सिखाया जाता है, एलओसी उनके लिए प्रदर्शन स्थल की तरह हैं।
रूटीन में उन्हें डे पेट्रोलिंग, नाइट पेट्रोलिंग से लेकर एंबुश लगाने पड़ते हैं। दुशमन की कार्रवाई का जवाब देना हो या फिर घात लगाकर हमले की जवाबी कार्रवाई को अंजाम देना हो, एलओसी उन्हें जोखिम में ड्यूटी करना सिखाती है।
रूटीन में उन्हें डे पेट्रोलिंग, नाइट पेट्रोलिंग से लेकर एंबुश लगाने पड़ते हैं। दुशमन की कार्रवाई का जवाब देना हो या फिर घात लगाकर हमले की जवाबी कार्रवाई को अंजाम देना हो, एलओसी उन्हें जोखिम में ड्यूटी करना सिखाती है।