फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Jammu and Kashmir ›   india to make borders safe for internal security

अब भारत-पाक सीमा पर परिंदा भी नहीं मार सकेगा पर

Thu, 29 Sep 2016 10:44 PM IST
ब्यूरो, अमर उजाला/जम्मू
ब्यूरो, अमर उजाला/जम्मू Updated Thu, 29 Sep 2016 10:44 PM IST
विज्ञापन
india to make borders safe for internal security
सीमा पर सुरक्षा - फोटो : PTI
उड़ी हमले के बाद से सीमा पर सुरक्षा के लिए सख्त हुई केंद्र सरकार ने भारत से लगने वाली सीमाओं पर सुरक्षा के अभेद्य इंतजाम करने की कवायद शुरू कर दी है । सीमा पर सुरक्षा के लिहाज से मंगलवार को भारत सरकार नें पूर्व गृह सचिव मधुकर गुप्ता की अध्यक्षता में बनी कमेटी की सिफारिशों को लागू करने का फैसला किया है । इन सिफारिशों के आधार पर सीमा पर हाईटेक फेंसिग लगाने के साथ-साथ कई बड़े इंतजाम किये जाएंगे । 
विज्ञापन


सरकार के इस फैसले का सबसे ज्यादा प्रभाव कश्मीर से लगने वाली भारत पाकिस्तान की सीमा पर होगा । भारत की कुल 3323 किमी की अंतर्राष्ट्रीय सीमा में से 1225 किमी सीमा जम्मू-कश्मीर से लगी हुई है जिसमें एलओसी भी शामिल है । इसके अलावा राजस्थान में 1037 किमी पंजाब में 553 किमी और गुजरात में 508 किमी की अंतर्राष्ट्रीय सीमाएं हैं ।
विज्ञापन


भारत सरकार ने इन सभी सीमाओं पर हाइटेक उपकरण और रक्षा से जुड़ी तकनीकी का प्रयोग करके इन्हें आतंकियों के लिए अभेद्य बनाने की तैयारी शुरू कर दी है । 
विज्ञापन
विज्ञापन

सीमा पर सुरक्षा को अभेद्य बनाने की तैयारी

india to make borders safe for internal security
सीमा पर सुरक्षा - फोटो : PTI

इस क्रम में मंगलवार को दिल्ली में गृह राज्य मंत्री किरण रिजिजू ने पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि हम मधुकर गुप्ता कमेटी द्वारा की गई सिफारिशों को जल्द लागू करने के लिए गंभीर हैं ।

गौरतलब है कि पठानकोट में हुए आतंकी हमलों के बाद, सीमा पार से हो रही घुसपैठ को रोकने के लिए अंतर्राष्ट्रीय सीमाओं पर सुरक्षा बढाने के लिए जरूरी इंतजामों की जरूरत जानने के लिए केंद्र सरकार ने अप्रैल में पूर्व गृह सचिव मधुकर गुप्ता की अध्यक्षता में एक उच्च स्तरीय कमेटी बनाई थी ।

इस कमेटी ने पिछले हफ्ते अपनी रिपोर्ट गृहमंत्री राजनाथ सिंह को सौंपी है जिसके बाद सीमापर बढ़ते तनाव को देखते हुए सरकार जल्द से जल्द इस रिपोर्ट की सिफारिशों को क्रियान्वित कर देना चाहती है । सूत्रों के मुताबिक इस कमेटी ने सीमा पर सुरक्षा को अभेद्य बनाने के लिहाज से सरकार से कई महत्वपूर्ण इंतजाम करने की सिफारिश की है । 

इन इंतजामों से हाईटेक होगी सीमा पर सुरक्षा

india to make borders safe for internal security
सीमा पर तैनात जवान - फोटो : File Photo
इन सिफारिशों में सीमा से सटे नदियों वाले इलाकों में वाटर सेंसर लगाने, भारत-पाक सीमा पर इलेक्ट्रॉनिक सेंसर और बाड़ वाले इलाकों में फेंसिग को और हाइटेक बनाने की सिफारिश की है । साथ ही भारत-पाक सीमा पर लेजर वाल बनाने की भी सिफारिश की गई है जिससे सीमापार के आने वाले घुसपैठियों को रोका जा सके ।

जमीन के नीचे से किसी तरह की घुसपैठ को रोकने के लिए भूमिगत सेंसर और सीमा से सटे पूरे इलाके में राडार के जरिए निगरानी करने की सिफारिशें भी की गई हैं । सीमा पर इंतजामों के साथ साथ बीएसएफ को भी नई तकनीकी के हथियारों से लैस करने की तैयारी हो रही है ।

मल्टी एजेंसी सेंटर के गठन का भी सुझाव

india to make borders safe for internal security
सीमा पर सुरक्षा - फोटो : PTI
समिति की सिफारिशों में सीमा पर सुरक्षा के जवानों की तैनाती के विषय में भी सुझाव शामिल किए गए है जिसके अनुसार सीमा पर घुसपैठ की ज्यादा आशंकाओं वाले इलाकों में अतिरिक्त सेना को तैनात करने का सुझाव दिया गया है । समिति ने सीमा सुरक्षा एजेंसियों को खुफिया विभाग से समन्वय के लिए आसानी देने के लिए मल्टी एजेंसी सेंटर के गठन का भी सुझाव दिया है । 

पिछले दिनों से सीमा पार से हो रही घुसपैठ को देखते हुए भारत की आंतरिक सुरक्षा के लिहाज से ये एक बड़ा कदम हो सकता है । बीते कुछ दिनों में सीमा पर आतंकी गतिविधियां बढ़ी हैं वहीं खुफिया एजेंसियों से भी फिदायीन आतंकियो के घुसपैठ की आशंकाओं के इनपुट मिले हैं ऐसे में सीमा पर सुरक्षा के ये कदम भारत की आंतरिक सुरक्षा के लिए बहुत बड़ी कवायद हो सकती है । 
 
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed