{"_id":"8b49497c384355ccf58c552ae7662947","slug":"increasing-borrowing-at-public-schools-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"जम्मू कश्मीर के सरकारी स्कूलों पर बढ़ रही है उधारी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
जम्मू कश्मीर के सरकारी स्कूलों पर बढ़ रही है उधारी
ब्यूरो/अमर उजाला, जम्मू
Updated Sun, 08 Nov 2015 03:11 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
मिड-डे-मील की राशि जारी न किए जाने से सरकारी स्कूलों पर उधारी बढ़ती जा रही है। वर्तमान समय में जम्मू जिले में सरकारी स्कूलों को करीब एक करोड़ का भुगतान सरकार को करना है।
विज्ञापन
शिक्षकों का कहना है कि स्कूल के फंड की राशि को लोन के रूप में लेकर मिड-डे-मील चला रहे हैं। अगर जल्द राशि नहीं मिली तो मिड-डे-मील बंद करने को मजबूर हो जाएंगे।
विज्ञापन
करीब डेढ़ वर्ष से राज्य सरकार ने मिड-डे-मील के लिए पूरी राशि जारी नहीं की है। छह महीने में सरकार कुछ राशि जारी करती है, लेकिन इससे स्कूलों का मिड-डे-मील का पूरा उधार चुकता नहीं हो पाता है।
विज्ञापन
कुछ महीने के बाद फिर वही स्थिति बन जाती है। मिड-डे-मील का करीब एक करोड़ रुपये सरकार को स्कूलों को देने हैं। जम्मू संभाग में राशि छह महीने में एक बार ही जारी हो पाती है।
चावल तो सीएपीडी विभाग की तरफ से मिल जाता है, लेकिन बाकी का सामान उधार पर दुकान से खरीदा जाता है। अधिक उधार होने से दुकानदारों ने सामान देना बंद कर दिया है।
बलविंद्र सिंह, रजत शर्मा आदि शिक्षकों ने बताया कि राशि के लिए हर महीने अधिकारियों के कार्यालयों के चक्कर लगा रहे हैं, लेकिन राशि जारी नहीं हो पा रही है।
चीफ एजूकेशन आफिसर जेके सूदन ने बताया कि मिड-डे-मील की राशि की परेशानी को कई बार उच्च अधिकारियों के सामने रखा है। उम्मीद है कि जल्द सरकार राशि जारी करेगी।