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बड़ा सवाल, बिना पानी किस काम के शौचालय?
ब्यूरो/अमर उजाला, जम्मू
Updated Tue, 16 Jun 2015 11:54 PM IST
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स्वच्छ भारत अभियान के तहत सभी सरकारी स्कूलों में शौचालय का निर्माण करवाने का लक्ष्य 30 जून रखा है। स्कूलों में लगातार शौचालयों का निर्माण कार्य चल रहा है, लेकिन शिक्षा विभाग के लिए शौचालयों में पानी की सप्लाई की व्यवस्था करना मुश्किल काम बना हुआ है, क्योंकि इसमें पीएचई विभाग का सहयोग शिक्षा विभाग को नहीं मिल पा रहा है। जब तक पानी का कनेक्शन नहीं मिलेगा, बनाए गए शौचालय किसी काम के नहीं होंगे।
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पूरे राज्य में 23234 सरकारी स्कूल हैं। मार्च महीने में शिक्षा मंत्री ने खुलासा किया था कि इसमें से 14116 ऐसे सरकारी स्कूल हैं, जिनमें विद्यार्थियों को शौचालय की सुविधा नहीं मिल पा रही है। इनमें लड़कियों के स्कूल 6294 और लड़कों के 7822 हैं। इन स्कूलों में 100 प्रतिशत शौचालय की सुविधा का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। सैकड़ों की संख्या में शिक्षा विभाग शौचालयों का निर्माण पहले करवा चुका है, लेकिन ज्यादातर शौचालय विद्यार्थी और स्टाफ इस्तेमाल नहीं कर पा रहा है।
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इसका कारण पानी के कनेक्शन का न मिलना है। स्वच्छ भारत अभियान के तहत बनाए जा रहे शौचालयों के लिए शिक्षक व शिक्षा अधिकारी लगातार पानी के कनेक्शन के लिए पीएचई विभाग के साथ संपर्क कर रहे हैं, लेकिन पीएचई विभाग स्कूलों को पानी के कनेक्शन उपलब्ध नहीं करवा पा रहा है। इसका एक कारण स्कूलों का दूर दराज पहाड़ी इलाकों पर होना भी है।
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30 जून तक शिक्षा विभाग शौचालयों का निर्माण पूरा करने में कामयाबी हासिल कर ले, लेकिन काफी स्कूलों में पानी का कनेक्शन न मिलने के कारण विद्यार्थियों को इसका लाभ नहीं मिल सकेगा।