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नोटा का उपयोग कर सकते हैं कश्मीरी पंडित
ब्यूरो/अमर उजाला, जम्मू
Updated Tue, 18 Nov 2014 01:49 PM IST
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करीब 25 साल से कश्मीरी पंडित कश्मीर वापसी की प्रतीक्षा कर रहे हैं, लेकिन आज तक ऐसा हो नहीं पाया है। विधानसभा चुनाव में उनकी वापसी और लंबित मांगों पर कोई पार्टी बात नहीं कर रही है। सोमवार को आल पार्टीज माईग्रेंट को-आर्डिनेशन कमेटी के चेयरमैन विनोद पंडित ने कहा कि सभी राजनीतिक पार्टियां कश्मीरी पंडितों की घाटी में वापसी और अन्य मांगों पर ब्लू प्रिंट तैयार करें।
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पंडित ने बताया कि पिछले दिनों केंद्र सरकार ने कश्मीरी पंडितों के पुनर्वास की बात की थी, लेकिन आज तक इस पर अमल नहीं हो सका है। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि इस बार कश्मीरी पंडितों की मांगों पर ध्यान नहीं दिया गया, तो विधानसभा चुनाव में कश्मीरी पंडित नोटा का बटन दबाएंगे।
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उन्होंने कहा कि सभी कश्मीरी पंडित इज्जत के साथ घर वापसी चाहते हैं। इसलिए उनकी मांग है कि विधानसभा चुनाव के दौरान कश्मीरी पंडितों के लिए ब्लू प्रिंट तैयार किया जाए। उन्होंने कहा कि कश्मीर स्थित मंदिरों के संरक्षण के लिए विधानसभा में कश्मीरी मंदिर एंड श्राइन बिल को पारित करे।
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पाक अधिकृत स्थित शारदा पीठ मंदिर में कश्मीरियों के दर्शन के लिए पाकिस्तान सरकार के साथ बातचीत की जाए। राज्य में शारदा पीठ युनिवर्सिटी स्थापित की जाए तथा कश्मीर में रह रहे कश्मीरी पंडितों के रोजगार के स्पेशल पैकेज का ऐलान किया जाए।
यदि इन मांगों पर ब्लू प्रिंट तैयार नहीं किया जाता है, तो सभी कश्मीरी इस बार नोटा का बटन दबाने को मजबूर होंगे। इस मौके पर अरुण कंदरू, देशरत्न पंडिता, राजनाथ धर आदि मौजूद रहे।