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उधास की गजलों पर श्रोता हुए मदहोश
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जम्मू। जम्मू यूनिवर्सिटी के जोरावार सिंह सभागार में आइकॉनिक उत्सव के तहत शाम-ए-गजल कार्यक्रम में गजल सम्राट पंकज उधास ने प्रस्तुति देकर समा बांध दिया। वहीं, श्रोता झूमने को मजबूर रहे। सभागार में पंकज उदास ने ...आप जिनके करीब होते है वो बड़े खुशनसीब होते हैं और ...निकलो न बेनकाब जमाना खराब है गजल प्रस्तुत कर लोगों को मस्ती में झूमने पर मजबूर कर दिया।
पर्यटन विभाग की ओर से आयोजित कार्यक्रम शाम सात बजे शुरू हुआ, जिसमें काफी संख्या में लोगों ने हिस्सा लिया। कार्यक्रम की शुरूआत पंकज उधास ने आप जिनके करीब होते है, वह बड़े खुशनसीब होते है, जब तबियत किसी पर आती है मौत के दीप करीब होते हैं गजल से की। इसे सुनते ही सभागार तालियों से गूंज उठा। दर्शकों से मुखातिब होते हुए उन्होंने कहा कि जम्मू शहर से उनकी काफी यादें जुड़ी हैं, जो ताजा हो गईं। इसके बाद जंगल में निकलो न बेनकाब जमाना है खराब से संगीत प्रेमियों का दिल जीत लिया और युवाओं ने वन मोर वन मोर की मांग की। इसके बाद पंकज उधास ने जफर गोरख पुरी की लिखी दुख सुख था एक सबका अपना हो या बेगाना एक वह भी था... से लोगों के दिलों को छू लिया। कार्यक्रम की शुरूआत में जम्मू यूनिवर्सिटी के वीसी मनोज धर और पर्यटन विभाग के निदेशक विवेकानंद राय ने उनका स्वागत किया।
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पर्यटन विभाग की ओर से आयोजित कार्यक्रम शाम सात बजे शुरू हुआ, जिसमें काफी संख्या में लोगों ने हिस्सा लिया। कार्यक्रम की शुरूआत पंकज उधास ने आप जिनके करीब होते है, वह बड़े खुशनसीब होते है, जब तबियत किसी पर आती है मौत के दीप करीब होते हैं गजल से की। इसे सुनते ही सभागार तालियों से गूंज उठा। दर्शकों से मुखातिब होते हुए उन्होंने कहा कि जम्मू शहर से उनकी काफी यादें जुड़ी हैं, जो ताजा हो गईं। इसके बाद जंगल में निकलो न बेनकाब जमाना है खराब से संगीत प्रेमियों का दिल जीत लिया और युवाओं ने वन मोर वन मोर की मांग की। इसके बाद पंकज उधास ने जफर गोरख पुरी की लिखी दुख सुख था एक सबका अपना हो या बेगाना एक वह भी था... से लोगों के दिलों को छू लिया। कार्यक्रम की शुरूआत में जम्मू यूनिवर्सिटी के वीसी मनोज धर और पर्यटन विभाग के निदेशक विवेकानंद राय ने उनका स्वागत किया।
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