फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Jammu and Kashmir ›   Jammu News ›   hussain faktoo can't be released : home affairs

15 और कैदियों को छोड़ सकती है मुफ्ती सरकार

Tue, 10 Mar 2015 06:41 PM IST
Updated Tue, 10 Mar 2015 06:41 PM IST
विज्ञापन
hussain faktoo can't be released : home affairs

रियासत पुलिस जेलों में बंद 15 और कैदियों को रिहा किए जाने को लेकर उनके मामलों की समीक्षा कर रही है। मुख्यमंत्री मुफ्ती मोहम्मद सईद के राजनीतिक बंदियों को रिहा करने के फैसले के तहत इस प्रक्रिया को अंजाम दिया जा रहा है।

विज्ञापन


पुलिस की ओर से जिन 15 कैदियों की सूची गृह विभाग को सौंपी गई है, उनमें चार लोगों को पत्थर मारने, चार को लकड़ी की तस्करी करने, तीन को चोरी के मामलों में और चार अन्य को ड्रग्स की तस्करी करने के मामले में पकड़ा गया था।
विज्ञापन


इन सभी कैदियों को रिहा करने के मामले में कोई भी निर्णय करने के लिए पुलिस की ओर से गृह विभाग पर फैसला छोड़ा गया है।

अब फकटू को छोड़ने की चर्चा

hussain faktoo can't be released : home affairs

अलगाववादी नेता मसर्रत आलम की रिहाई पर उठे बवंडर के बीच ही एक और कट्टर अलगाववादी आशिक हुसैन फकटू की रिहाई भी जल्द होने की चर्चा जोरों पर है। फकटू 22 साल से जेल में है। उस पर जाने-माने मानवाधिकार कार्यकर्ता एचएन वांचू की हत्या का आरोप है।

आतंकी संगठन जमात-उल-मुजाहिदीन के पूर्व शीर्ष कमांडर फकटू को उम्र कैद की सजा मिली है। फकटू ने अलगाववादी और दुख्तारन-ए-मिल्लत की प्रमुख सईदा आशिया अंद्राबी के साथ निकाह किया है। फिलहाल श्रीनगर सेंट्रल जेल में सजा काट रहे फकटू की अपील सुप्रीम कोर्ट में लंबित है।

सुरक्षा एजेंसियों से जुड़े सूत्रों का मानना है कि अगर फकटू को भी छोड़ा गया तो घाटी का माहौल बिगड़ सकता है। पुलिस महानिदेशक के राजेंद्रा का कहना है कि ऐसा कोई प्रस्ताव उनकी जानकारी में नहीं है। हालांकि, समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक पुलिस ने गृह विभाग को स्पष्ट कर दिया है कि फकटू को नहीं छोड़ा जा सकता।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed