फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Jammu and Kashmir ›   Jammu News ›   hurriyat out of governors speech

हुर्रियत के बारे में कुछ नहीं कहेंगे राज्यपाल

Thu, 12 Mar 2015 11:52 PM IST
Updated Thu, 12 Mar 2015 11:52 PM IST
विज्ञापन
hurriyat out of governors speech

राज्यपाल के अभिभाषण में अमन कायम कर विकास के एजेंडे को लागू करने पर जोर रहेगा। कैबिनेट ने दो दिन की मैराथन बैठक के बाद अभिभाषण के मसौदे को मंजूरी दे दी।

विज्ञापन


मुख्यमंत्री मुफ्ती मोहम्मद सईद की अध्यक्षता में हुई बैठक में विधानसभा के बजट सत्र में गठबंधन सरकार के एजेंडे को अमल में लाने का संकल्प दोहराया गया।

भाजपा और पीडीपी के बीच रिश्तों में खटास के बाद राज्यपाल के अभिभाषण के एक-एक बिन्दु पर विस्तार से चर्चा हुई। विश्वास का माहौल बनाने के नाम पर हुर्रियत से बातचीत और अफस्पा की वापसी जैसे मुद्दे राज्यपाल के अभिभाषण में शामिल नहीं होंगे।
विज्ञापन


आतंकवाद से निपटने के लिए हो रहे प्रयासों की चर्चा अभिभाषण में हो सकती है। अलगाववादी मसर्रत आलम की रिहाई में भाजपा से सलाह मशविरा नहीं लिए जाने के बाद से भाजपा का रुख सख्त है।

विज्ञापन
विज्ञापन

अब और किरकिरी नहीं चाहती भाजपा

hurriyat out of governors speech

मुख्यमंत्री मुफ्ती मोहम्मद की भाजपा महासचिव राम माधव से वीरवार को हुई मुलाकात में दोनों दलों के बीत आपसी समझदारी बढ़ाने पर सहमति हुई थी। मुफ्ती से एकतरफा फैसला नहीं लेने को कहा गया है। इस कारण राज्यपाल के अभिभाषण को अंतिम रूप देकर मंजूरी में कैबिनेट को लगातार दो बैठकें करनी पड़ीं।

भाजपा नहीं चाहती है कि सरकार के एजेंडे के नाम राज्यपाल के अभिभाषण वैसे विवादास्पद मुद्दों को जगह दी जाए, जो बाद में राष्ट्रीय स्तर पर किरकिरी का कारण बने। इसमें भाजपा को सफलता मिल गई है। गवर्नर का अभिभाषण अब गठबंधन के एजेंडे को आधार बनाकर सरकारी की भावी रणनीति की दिशा की झलक प्रस्तुत करेगा।

गवर्नर एनएन वोहरा 18 मार्च को विधानसभा और विधान परिषद के संयुक्त सत्र को संबोधित करेंगे। राज्यपाल के अभिभाषण में स्मार्ट सरकार का वादा शामिल हो सकता है।

जान‌िए क्या-क्या होगा अभिभाषण में

hurriyat out of governors speech

सरकार के कामकाज में पारदर्शिता और जवाबदेही का वादा इसमें शुमार होगा। भ्रष्टाचार पर अंकुश के लिए केंद्र सरकार के सहयोग से नई शासन व्यवस्था विकसित करने की चर्चा इसमें शामिल हो सकती है।

जिम्मेदारी आयोग और सतर्कता आयोग का नया नाम पारदर्शी आयोग हो सकता है। सूचना के अधिकार को और मजबूत बनाने का वादा इसमें शामिल हो सकता है।

जम्मू, कश्मीर और लद्दाख के समान विकास को सरकार के एजेंडे में महत्वपूर्ण हिस्सा बनाया जा रहा है। इसे गवर्नर के अभिभाषण में भी जगह मिल रही है।

विकास को गति देने के लिए ऊर्जा, इंफ्रास्ट्रक्चर, शिक्षा, कृषि, हार्टिकल्चर, मेडिकल सेवा और पर्यटन के क्षेत्र में विदेशी संस्थाओं के सहयोग से योजनाएं बनाई जाएंगी।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed