नोटबंदी के 40 दिन बाद हजारों करोड़ रूपए का कारोबार हुआ प्रभावित
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नोटबंदी के बाद अब तक जम्मू संभाग का कारोबार पटरी पर नहीं आ रहा। बेशक कारोबारी सरकार के फैसले से खुश हैं, लेकिन लेने देन में काफी कमी दर्ज की गई है। कारोबार के लेन देन में पचास फीसदी की कमी दर्ज की गई है। हालांकि कारोबारियों को उम्मीद है कि देर से ही सही, लेने देन पुराने ढर्रे पर पहुंच जाएगा।
चैंबर आफ ट्रेडर्स फेडरेशन के चीफ पैटर्न और रिटेलर फेडरेशन के प्रधान यशपाल गुप्ता का कहना है कि पहनावा, रोजमर्रा की जिंदगी में इस्तेमाल होने वाली वस्तुओं, निर्माण आदि का जम्मू संभाग में 5000 करोड़ रुपये के करीब का लेन-देन होता था, जो करीब 2500 करोड़ तक पहुंच गया है।
कारोबार जरूर प्रभावित हुआ है, लेकिन नुकसान कोई नहीं है। सिर्फ लेन-देन कम हुआ है।
थोक व्यापारियों को हो रही है परेशानियां
जम्मू वेयर हाउस मंडी के दाल एसोसिएशन के प्रधान कीर्ति गुप्ता का कहना है कि नोटबंदी का सबसे अधिक असर ग्रामीण इलाकों में हुआ है। हफ्ते में सिर्फ 24 हजार ही निकाले जा सकते हैं। ऐसे में जो व्यापारी राजोरी या पुंछ इलाके से आता था, वो 24 हजार का ही सामान लेकर जा रहा है, जबकि पहले वह एक दो लाख का सामान लेकर जाता था।
दाल की बोरी ही 12 हजार में आती है। ऐसे में जो छोटे दुकानदार हैं, वो भी सामान कम लेकर जा रहे हैं। वहीं नरवाल फल सब्जी मंडी के चेयरमैन श्याम लंगर का कहना है कि नोटबंदी का इतना असर नहीं पड़ा है। फल सब्जियों का कारोबार इससे कम ही प्रभावित हुआ है।