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मेहनत पर बरपा कुदरत का कहर, सैकड़ों एकड़ फसल बर्बाद

Mon, 18 Aug 2014 04:44 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, ज्यौड़ियां
ब्यूरो/अमर उजाला, ज्यौड़ियां Updated Mon, 18 Aug 2014 04:44 PM IST
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hundreds acres of crop washed in chenab floods

चौकी चोरा तथा इसके आसपास के क्षेत्र कनेडी, बुध चढ़ाई, घार मजूर, संडल, पैल, सनोडी के गांवों में पिछले दिनों हुई मूसलाधार बारिश और तेज हवाओं से मक्की की फसल को भारी नुकसान पहुंचा है।

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पंचायत कनेडी के सरपंच चमनलाल, बुध चढ़ाई की पंच सिलमो देवी, अश्विनी शर्मा, सनोडी के किसान शतुराम आदि ने बताया कि मक्की, बाजरा की फसल के नुकसान होने से किसानों की रोजी-रोटी पर संकट खड़ा हो गया है।
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उनकी साल भर की मेहनत पर कुदरती कहर बरपा है। उन्होंने राज्य सरकार से फसल का मुआवजा देने की मांग की है।

भूखों मरने का संकट छाया

hundreds acres of crop washed in chenab floods

चिनाब की बाढ़ में किसानों की सैकड़ो एकड़ फसल बर्बाद हो गई है। गांव इंद्री, गैर आदि के किसानों में सरकार द्वारा कोई मदद न किए जाने पर रोष है।

दर्जनों किसानों की सैकड़ों एकड़ धान की फसल बाढ़ में नष्ट होने से उनके साथ भूखों मरने का संकट खड़ा हो गया है। भूमि कटाव से बाढ़ में डूबी जमीनों पर खेती करना बहुत मुश्किल हो गया है।

मोहनलाल, पवन सिंह, बाल कृष्ण, सुरम चंद, सोमा देवी, ग्यान चंद आदि किसानों ने बताया कि फसल लगाने पर आमतौर पर हर किसान के 10 हजार रुपये खर्च हुए थे।

अब बाढ़ में उनकी उपजाऊ भूमि नष्ट हो गई है और उनके सामने रोजी-रोटी का संकट पैदा हो गया है। ऐसे में उनके लिए अपने परिवार को पालना बेहद मुश्किल हो रहा है। उन्होंने बताया कि सरकार द्वारा अभी तक उनको कोई मदद नहीं मुहैया करवाई गई है।

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