बोर्ड एग्जाम: परीक्षाओं में ऐसे दूर भगाएं तनाव
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परीक्षाएं नजदीक आते ही अगर आपके लाडलों में घबराहट, चिल्लाना, हाथ पांव फूलने के लक्षण दिख रहे हैं तो समझ जाइए कि एग्जामिनेशन एंजाइटी हावी हो रही है।
परीक्षाओं के डर से कई बच्चे तनाव का शिकार हो जाते हैं। इसका बड़ा कारण अभिभावकों और स्कूल प्रशासनों का बच्चों पर क्षमता से ज्यादा अपेक्षाएं रखना है।
मनोचिकित्सकों के अनुसार ऐसी परिस्थितियों में अभिभावक अपने बच्चों की गतिविधियों को गंभीरता से लें और उनका समाधान करें।
उल्लेखनीय है कि मार्च में स्कूली शिक्षा बोर्ड की आठवीं, दसवीं और बारहवीं की परीक्षाएं आयोजित हो रही हैं। परीक्षाएं नजदीक आते ही कई बच्चों को असफल होने का डर सताने लगता है।
साइक्रेटरी अस्पताल में कार्यरत मनोचिकित्सक डा. मनु अरोड़ा के अनुसार एग्जामिनेशन एंजाइटी के ताजा मामलों में शहरी इलाकों के विद्यार्थी ज्यादा प्रभावित हुए हैं।
इसमें हर कोई अभिभावक अपने लाडलों के डाक्टर और इंजीनियर बनने का सपना देखता है, जबकि कई मामलों में उनके बच्चों में इस लक्ष्य पर कोई रुचि ही नहीं होती है।
नतीजतन ऐसी स्थिति में परीक्षाएं पास आने पर सारा तनाव बच्चे पर आ जाता है। इन बच्चों में होनहार बच्चे भी ज्यादा प्रभावित होते हैं।
एंजाइटी के लक्षण और बचाव
एंजाइटी के लक्षण
1. सामान्य से नींद का कम आना
2. भूख नहीं लगना और बेवजह का डर
3. दिल की धड़कन तेज होना
4. अचानक गुस्सा और उदासी बढ़ जाना
एंजाइटी से बचाव
1. पढ़ाई के साथ मनोरंजन जरूर करें
2. लगातार घंटों तक पढ़ने से परहेज करें
3. अभिभावकों-शिक्षकों में वार्तालाप हो
4. कैरियर के बजाय परीक्षा पर ज्यादा ध्यान दें