{"_id":"638adae35012b30ade2616a8","slug":"houses-of-hurriyat-workers-raided-in-srinagar-sia-probing-funding-case","type":"story","status":"publish","title_hn":"जम्मू कश्मीर: श्रीनगर में हुर्रियत कार्यकर्ताओं के घरों पर छापा, एसआईए कर रही है फंडिंग मामले की जांच","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
जम्मू कश्मीर: श्रीनगर में हुर्रियत कार्यकर्ताओं के घरों पर छापा, एसआईए कर रही है फंडिंग मामले की जांच
Sat, 03 Dec 2022 10:43 AM IST
विमल शर्मा
अमर उजाला नेटवर्क, जम्मू कश्मीर
अमर उजाला नेटवर्क, जम्मू कश्मीर
Published by: विमल शर्मा
Updated Sat, 03 Dec 2022 10:43 AM IST
सार
राज्य जांच एजेंसी (एसआईए) ने फंडिंग मामले में जांच और तेज कर दी है। शनिवार को श्रीनगर में हुर्रियत कार्यकर्ताओं के घरों समेत कई ठिकानों पर छापे मारे गए।
विज्ञापन
जम्मू कश्मीर पुलिस (फाइल )
- फोटो : पीटीआई
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
राज्य जांच एजेंसी (एसआईए) ने श्रीनगर में शनिवार सुबह फंडिंग मामले में हुर्रियत कार्यकर्ताओं के घरों समेत कई ठिकानों पर छापे मारे। इस बीच एजेंसी को कई दस्तावेज हाथ लगे हैं। इस मामले की लंबे समय से जांच चल रही है।
विज्ञापन
इससे पहले 27 नवंबर को प्रतिबंधित जमात-ए-इस्लामी (जेईआई) पर और शिकंजा कसते हुए अनंतनाग जिले में संस्था से जुड़ी 90 करोड़ की संपत्तियों को एसआईए ने जब्त कर लिया था। इनमें कृषि भूमि, बगीचे, शॉपिंग कांप्लेक्स, कार्यालय के साथ आवासीय ढांचे बने हुए हैं।
विज्ञापन
यह संपत्तियां जिले के 11 स्थानों पर हैं। संपत्तियों को जब्त करने का यह दूसरा मामला है। यूएपीए की धारा-8 के तहत अनंतनाग के डीसी ने एसआईए की संस्तुतियों पर इन संपत्तियों को अवैध घोषित कर दिया। इनमें एक कनाल चार मरला जमीन में दो मंजिला इमारत बनी है।
विज्ञापन
इसमें फ्लाह-ए-आम ट्रस्ट (एफएटी) का कार्यालय चल रहा है। इसके अलावा दांजीपोरा में जेईआई के नाम पर सर्वेक्षण संख्या 1299/956/496, अनंतनाग के शांगस में 12 मरला में बने दो मंजिला आवासों के साथ 16 और दस मरला जमीन जब्त की गई है।
इससे पहले भी एसआईए की टीम जिले की पांच तहसीलों में दबिश दे चुकी है। एसआईए से जुड़े अधिकारियों ने बताया कि आतंकी गतिविधियों को फंड उपलब्ध न हो सके, इसके लिए राजस्व दस्तावेजों में भी संशोधन करते हुए नाम हटाया जाएगा। यह कार्रवाई देश विरोधी तत्वों और टेरर नेटवर्क को ध्वस्त करने के लिए की गई है ताकि पूरा पारिस्थितिकी तंत्र नष्ट किया जा सके।