जम्मू-कश्मीर में अफस्पा को लेकर केंद्र के पास नहीं है रिकॉर्ड
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जम्मू-कश्मीर से जुड़े मामलों को देख रहे गृह मंत्रालय के विभाग के पास राज्य में लागू विवादित कानून अफस्पा के संबंध में कोई रिकॉर्ड ही नहीं है।
इस विभाग के पास राज्य सरकार की ओर से मुहैया कराई जाने वाली ऐसी कोई प्रति नहीं है, जिससे यह पता लग सके जम्मू व कश्मीर के किन क्षेत्रों में यह विवादित कानून लागू है।
सशस्त्र बल विशेष अधिकार कानून (अफस्पा) पर ‘कॉमनवेल्थ ह्यूमन राइट्स इनिशिएटिव’ के कार्यकर्ता वेंकटेश नायक ने आरटीआई के माध्यम से गृह मंत्रालय से अफस्पा के सेक्शन-3 के अंतर्गत जारी अधिसूचना के तहत जम्मू व कश्मीर सरकार से अब तक प्राप्त सभी संचार के बारे में जानकारी मांगी थी।
गृह मंत्रालय ने सवालों को जम्मू कश्मीर विभाग के पास भेजा
सेक्शन-3 के तहत राज्य सरकार गजट अधिसूचना के माध्यम से पूरे राज्य या कुछ क्षेत्रों को प्रभावित क्षेत्र घोषित करती है। नायक द्वारा पूछे गए सवालों को गृह मंत्रालय ने जम्मू व कश्मीर विभाग के पास भेज दिया।
इसके जवाब में विभाग के केंद्रीय सार्वजनिक सूचना अधिकारी व निदेशक ने बताया, ‘इस संबंध में जम्मू कश्मीर सरकार से प्राप्त किसी तरह के संचार के रिकॉर्ड हमें नहीं मिले हैं।
इसलिए इस तरह की जानकारी को ‘निल (शून्य)’ माना जाए।’ नायक ने बताया कि पहले यह जानकारी गृह मंत्रालय की वेबसाइट पर उपलब्ध थी, लेकिन अब इन्हें अपलोड नहीं किया जा रहा है।