{"_id":"60b699b28ebc3e20266c66d0","slug":"highcourt-jammu-city-news-jmu2364450179","type":"story","status":"publish","title_hn":"मुगल रोड खोलने के लिए हाईकोर्ट में याचिका","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
मुगल रोड खोलने के लिए हाईकोर्ट में याचिका
विज्ञापन
जम्मू। मुगल रोड को आम लोगों के लिए खोलने के लिए हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर की गई है। याचिका में इसे लेकर किसी तरह की बंदिश न होने की मांग रखी गई। चीफ जस्टिस पंकज मित्थल और जस्टिस विनोद चटर्जी कौल की खंडपीठ ने मामले पर सुनवाई की और अपीलकर्ता अजहर उस्तान खान को सरकार के समक्ष अपना पक्ष रखने को कहा, जिसमें वह अपनी सारी दिक्कतें बताएंगे। यदि दो हफ्तों के भीतर वह सरकार के सामने अपना पक्ष रखते हैं तो सरकार उनके पक्ष पर विचार करेगी। इसका आदेश भी हाईकोर्ट ने दिया है।
सुनवाई के दौरान केंद्र शासित प्रदेश प्रशासन की ओर से पेश हुए महाधिवक्ता डीसी रैना ने कहा कि उन्हें रिट याचिका की एक प्रति प्रदान की जा सकती है और वह याचिका में उठाए गए सभी प्रश्नों का तुरंत जवाब देंगे। इस पर हाईकोर्ट ने अपीलकर्ता को याचिका की एक प्रति एडवोकेटे जनरल रैना को देने का आदेश दिया। जेएनएफ
दीपक और गगनदीप को कांस्टेबल नियुक्त करने के आदेश
जम्मू। हाईकोर्ट ने दीपक शर्मा और गगनदीप की याचिका पर आदेश दिया है कि दोनों को पुलिस महकमे में बतौर कांस्टेबल नियुक्त किया जाए। दोनों ने पूर्व सैनिक श्रेणी में आवेदन किया था। जिसकी नियुक्ति प्रक्रिया चल रही है। जस्टिस संजीव कुमार ने मंगलवार को दोनों की याचिका पर सुनवाई की। चार हफ्तों के भीतर नियुक्ति आदेश करने की प्रति कोर्ट में पेश करने को भी कहा गया।
विज्ञापन
फायरिंग मामले में होशियार सिंह पर लगा पीएसए हटाया
जस्टिस पुनीत गुप्ता ने आरोपी की अर्जी पर की सुनवाई
जम्मू। जानीपुर क्षेत्र में दिन दहाड़े फायरिंग मामले में होशियार सिंह पर लगे पीएसए को हटा दिया गया है। जस्टिस पुनीत गुप्ता ने मंगलवार को आरोपी की अर्जी पर सुनवाई करते हुए कहा कि पीएसए के तहत हिरासत में रखने का कोई आधार नजर नहीं आता, जबकि सरकारी वकील असीम साहनी ने कहा कि आरोपी पर हत्याओं के केस चल रहे हैं और उसका बाहर रहना ठीक नहीं है। वह एक संगीन अपराधी है, जिस पर पीएसए लगाने का आदेश सही है। जज ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद महसूस किया की पीएसए लगाने का कोई आधार नहीं है। लिहाजा पीएसए हटाया जा रहा है।
वकीलों को वित्तीय मदद पर सरकार अपना रुख साफ करे : हाईकोर्ट
जम्मू। हाईकोर्ट ने सरकार से वकीलों को कोविड प्रोटोकॉल के तहत वित्तीय मदद देने के लिए अपना अपना रुख साफ करने को कहा है। कहा कि पिछले साल की तरह ही दिशानिर्देश तय हैं, जिसके तहत मदद दी जानी है तो सरकार इसे लेकर आगे आए।
बता दें कि अबुकर पंडित की ओर से हाईकोर्ट में याचिका दायर की गई है कि सभी वकीलों को 25 हजार रुपये वित्तीय मदद के तौर पर दिए जाएं। जो वकील जम्मू कश्मीर प्रदेश के अधीन वकालत करते हैं, उनको मदद मिलनी चाहिए। साथ ही वकीलों के लिए मेडिकल और जीवन बीमा की पालिसी भी बनाई जाए, ताकि इससे वकील समुदाय का उत्थान हो सके। जस्टिस अली मोहम्मद मागरे ने इस मामले पर सुनवाई करते हुए कहा कि इसे लेकर पांच मई को आदेश दिया गया था, लेकिन इस पर सरकार का जवाब नहीं आया। लिहाजा अगली सुनवाई तक सरकार सही तरह से बताए कि इसे लेकर क्या रुख अपनाया गया है।
विज्ञापन
सुनवाई के दौरान केंद्र शासित प्रदेश प्रशासन की ओर से पेश हुए महाधिवक्ता डीसी रैना ने कहा कि उन्हें रिट याचिका की एक प्रति प्रदान की जा सकती है और वह याचिका में उठाए गए सभी प्रश्नों का तुरंत जवाब देंगे। इस पर हाईकोर्ट ने अपीलकर्ता को याचिका की एक प्रति एडवोकेटे जनरल रैना को देने का आदेश दिया। जेएनएफ
विज्ञापन
दीपक और गगनदीप को कांस्टेबल नियुक्त करने के आदेश
जम्मू। हाईकोर्ट ने दीपक शर्मा और गगनदीप की याचिका पर आदेश दिया है कि दोनों को पुलिस महकमे में बतौर कांस्टेबल नियुक्त किया जाए। दोनों ने पूर्व सैनिक श्रेणी में आवेदन किया था। जिसकी नियुक्ति प्रक्रिया चल रही है। जस्टिस संजीव कुमार ने मंगलवार को दोनों की याचिका पर सुनवाई की। चार हफ्तों के भीतर नियुक्ति आदेश करने की प्रति कोर्ट में पेश करने को भी कहा गया।
विज्ञापन
फायरिंग मामले में होशियार सिंह पर लगा पीएसए हटाया
जस्टिस पुनीत गुप्ता ने आरोपी की अर्जी पर की सुनवाई
जम्मू। जानीपुर क्षेत्र में दिन दहाड़े फायरिंग मामले में होशियार सिंह पर लगे पीएसए को हटा दिया गया है। जस्टिस पुनीत गुप्ता ने मंगलवार को आरोपी की अर्जी पर सुनवाई करते हुए कहा कि पीएसए के तहत हिरासत में रखने का कोई आधार नजर नहीं आता, जबकि सरकारी वकील असीम साहनी ने कहा कि आरोपी पर हत्याओं के केस चल रहे हैं और उसका बाहर रहना ठीक नहीं है। वह एक संगीन अपराधी है, जिस पर पीएसए लगाने का आदेश सही है। जज ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद महसूस किया की पीएसए लगाने का कोई आधार नहीं है। लिहाजा पीएसए हटाया जा रहा है।
वकीलों को वित्तीय मदद पर सरकार अपना रुख साफ करे : हाईकोर्ट
जम्मू। हाईकोर्ट ने सरकार से वकीलों को कोविड प्रोटोकॉल के तहत वित्तीय मदद देने के लिए अपना अपना रुख साफ करने को कहा है। कहा कि पिछले साल की तरह ही दिशानिर्देश तय हैं, जिसके तहत मदद दी जानी है तो सरकार इसे लेकर आगे आए।
बता दें कि अबुकर पंडित की ओर से हाईकोर्ट में याचिका दायर की गई है कि सभी वकीलों को 25 हजार रुपये वित्तीय मदद के तौर पर दिए जाएं। जो वकील जम्मू कश्मीर प्रदेश के अधीन वकालत करते हैं, उनको मदद मिलनी चाहिए। साथ ही वकीलों के लिए मेडिकल और जीवन बीमा की पालिसी भी बनाई जाए, ताकि इससे वकील समुदाय का उत्थान हो सके। जस्टिस अली मोहम्मद मागरे ने इस मामले पर सुनवाई करते हुए कहा कि इसे लेकर पांच मई को आदेश दिया गया था, लेकिन इस पर सरकार का जवाब नहीं आया। लिहाजा अगली सुनवाई तक सरकार सही तरह से बताए कि इसे लेकर क्या रुख अपनाया गया है।