घरों में चोरी के डर से शिविरों से वापस लौट रहे लोग
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पिछले मंगलवार को सेना द्वारा बचाए गए अब्दुल हामिद के अनुसार, मेरे घर का एक बड़ा हिस्सा अभी भी पानी से घिरा है। मैं रोज घर जाता हूं, दो दिन पहले कुछ चोरों को घर में घुसने का प्रयास करते देखा था।
कई घरों से चोर हाथ साफ कर चुके हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि श्रीनगर में अब कोई कानून व्यवस्था नहीं रह गई है। घाटी का बहुत सा हिस्सा अभी भी पानी में है।
लोग जान जोखिम में डालकर घरों की सुरक्षा के लिए लौट रहे हैं। लोगों का कहना है कि वे सब कुछ गवंा चुके हैं, लेकिन जो बच गया है उसकी सुरक्षा वे जरूर करेंगे।
बाढ़ में घिरे घरों में नहीं थम रहीं चोरियां
बाढ़ ने जहां एकतरफ लोगों को घर खाली करने के लिए विवश कर दिया, वहीं घाटी में चोरी और लूटपाट करने वाले भी सक्रिय हो गए हैं। अपने परिवार को राहत शिविर में छोड़कर गुलजार अहमद हर रोज तैरकर गोगजी बाग स्थिति अपने घर की रखवाली करने जाते हैं।
गुलजार अहमद के अनुसार, वह अपने परिवार को रिलीफ कैंप में छोड़कर रोज रात को अपने घर चल जाता है ताकि सामान की रखवाली कर सके। घाटी में सात सितंबर को आई बाढ़ के बाद लोगों ने जान बचाने के लिए घर छोड़ दिए, जिनमें अब चोरियां होने का खतरा मंडरा रहा है।
राज्य सरकार का भी कहना है कि घरों की सुरक्षा को लेकर चिंतित लोगों ने अपने घरों को छोड़कर सुरक्षित स्थानों पर जाने से इंकार कर दिया। मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने कहा कि पानी कम होने पर अब लोग घरों को जाना ही बेहतर समझ रहे हैं।