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Hindi News ›   Jammu and Kashmir ›   Jammu News ›   Hearing in Nadimarg Kashmiri Pandit case begins after 11 years in High Court

Nadimarg Kashmiri Pandit Case: नादीमर्ग केस में 11 साल बाद सुनवाई शुरू, हाईकोई 27 सितंबर को सुनेगा मामला

Fri, 16 Sep 2022 01:53 AM IST
विमल शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, जम्मू
अमर उजाला नेटवर्क, जम्मू Published by: विमल शर्मा Updated Fri, 16 Sep 2022 01:53 AM IST
सार

याचिका में सुप्रीम कोर्ट के सुझाव पर सरकार ने फैसला वापस लेने की याचिका दायर की, जिस पर हाईकोर्ट के न्यायाधीश संजय धर ने पुनर्विचार याचिका खारिज करने के आदेश को वापस ले लिया। नादीमर्ग नरसंहार केस में पुलिस ने 2003 में सात आरोपियों को चार्जशीट किया था।

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Hearing in Nadimarg Kashmiri Pandit case begins after 11 years in High Court
highcourt srinagar - फोटो : फाइल

विस्तार

कश्मीरी पंडितों के 19 साल पुराने नादीमर्ग सामूहिक नरसंहार के मामले में 11 साल बाद जम्मू-कश्मीर व लद्दाख उच्च न्यायालय में वीरवार को सुनवाई शुरू हो गई। न्यायमूर्ति विनोद चटर्जी कौल की पीठ ने पुनरीक्षण याचिका पर आगे की सुनवाई के लिए 27 सितंबर की तारीख निर्धारित की है।

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इस वर्ष 25 अगस्त को, उच्च न्यायालय ने अपने 21 दिसंबर 2011 के आदेश को वापस ले लिया था। जिसके आधार पर उसने 9 फरवरी 2011 को प्रधान सत्र न्यायाधीश शोपियां के एक आदेश को बरकरार रखा था। गवाहों के घाटी छोड़ने की वजह से इस मामले में ट्रायल रुक गया था, जिसकी पुनर्विचार याचिका को पहले सत्र न्यायालय और फिर दो बार हाईकोर्ट ने खारिज कर दिया था।
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याचिका में सुप्रीम कोर्ट के सुझाव पर सरकार ने फैसला वापस लेने की याचिका दायर की, जिस पर हाईकोर्ट के न्यायाधीश संजय धर ने पुनर्विचार याचिका खारिज करने के आदेश को वापस ले लिया। नादीमर्ग नरसंहार केस में पुलिस ने 2003 में सात आरोपियों को चार्जशीट किया था।
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आरोपियों पर आरपीसी की धारा 302, 450, 395, 307, 120-बी, 326, 427, आर्म्स एक्ट की धारा 7/27 और पुलिस एक्ट की धारा 30 के तहत आरोप हैं। मामले की चार्जशीट प्रधान सत्र न्यायालय पुलवामा में दायर की गई थी, जिसके बाद इसे शोपियां प्रधान सत्र न्यायालय शिफ्ट कर दिया गया।

कोर्ट में ट्रायल लंबित रहने के पीछे अभियोजन ने दलील दी थी कि डर की वजह से गवाह कश्मीर घाटी छोड़ चुके हैं। लिहाजा कमीशन गठित कर गवाहों के बयान सुरक्षित स्थानों पर दर्ज करने की अनुमति दी जाए, जिसे सत्र न्यायालय ने 9 फरवरी 2011 में खारिज कर दिया।

अभियोजन ने इसी दलील के साथ हाईकोर्ट में पुनर्विचार याचिका दायर की जिसे 21 दिसंबर 2011 को अस्वीकार कर दिया गया। सरकार की ओर से इस मामले में 561-ए के तहत हाईकोर्ट में दोबारा याचिका दायर की गई, जिसे हाईकोर्ट ने 26 फरवरी 2014 को फिर नामंजूर कर दिया।

हाईकोर्ट के बाद सरकार ने सर्वोच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाया, जिस पर कोर्ट ने 17 जुलाई 2015 को याचिका का निपटारा करते हुए हाईकोर्ट के पूर्ववर्ती आदेश को वापस लेने संबंधी याचिका दायर करने को कहा।


पुंछ में मारा गया था नरसंहार का मास्टरमाइंड जिया

नादीमर्ग नरसंहार के मास्टरमाइंड बताया गया लश्कर-ए-ताइबा का पाकिस्तानी आतंकी जिया मुस्तफा बीते अक्तूबर 2021 में पुंछ के भाटा दूडय़रां के जंगलों में मारा गया था। जिया मुस्तफा कोट भलवाल जम्मू जेल में बंद था, जिसे भाटा दूडय़रां के जंगलों में छिपे आतंकियों का पता लगाने के लिए सुरक्षा बल साथ ले गए थे।



पुलिस के अनुसार मुस्तफा को भाटा दूडय़रां में छिपे आतंकियों का ठिकाना पता था, लेकिन मौके पर पहुंचने पर आतंकियों की फायरिंग से मुस्तफा मारा गया। सुरक्षा बलों के तीन जवान भी इसमें घायल हो गए थे।

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