फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Jammu and Kashmir ›   Jammu News ›   hearing case in jammu kashmr judge said goddess of justice is blindfolded, not judge

जब न्यायाधीश को आया गुस्सा, बोले- पट्टी न्याय की देवी की आंखों पर बंधी है, जज की नहीं

Sat, 08 Feb 2020 04:55 PM IST
प्रशांत कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू Published by: प्रशांत कुमार Updated Sat, 08 Feb 2020 04:55 PM IST
विज्ञापन
hearing case in jammu kashmr judge said goddess of justice is blindfolded, not judge
सांकेतिक तस्वीर

जम्मू-कश्मीर के बिश्नाह क्षेत्र में दो साल पहले हत्या मामले की जांच पर कोर्ट ने पुलिस को फटकार लगाई है। जांच करने वाले अफसर के खिलाफ एसएसपी जम्मू को कार्रवाई करने का आदेश दिया गया है। साथ ही एक्शन टेकन रिपोर्ट भी मांगी गई है। पुलिस को मामले की दोबारा जांच करने और इसे एक महीने में पूरा करने के आदेश दिए गए हैं।

विज्ञापन


अतिरिक्त जिला जज ताहिर खुर्शीद ने मामले पर सुनवाई की। जज ने पुलिस की जांच में सात खामियों को उजागर करते हुए इस मामले की जांच को दोबारा करने के लिए कहा। जज ने जांच पर सवाल उठाते हुए कहा कि मृतक के सिर और शरीर पर चोटों के निशान थे, जिसका पता पोस्टमार्टम में भी चला, तो क्यों एफआईआर उसी समय दर्ज नहीं की गई।
विज्ञापन


एफएसएल की रिपोर्ट का एक साल इंतजार क्यों किया, जबकि मौत का कारण साफ था। जिन लोगों ने तीनों को वैन में शव ले जाते देखा, उनके बयान 164 में क्यों दर्ज नहीं किए। पुलिस ने मामले की सीडीआर क्यों चार्जशीट में शामिल नहीं, जबकि यह एक अहम सबूत है। क्यों उस वैन के दस्तावेज सीज नहीं किए गए, जिसमें मृतक के शव को लेकर जाकर फेंका गया।

विज्ञापन
विज्ञापन

कानून की देवी की आंखों पर पट्टी बंधी होती है, जज अंधा नहीं है

मामले में तीन लोगों को पुलिस ने पकड़ा है। लसवाड़ा के रहने वाले विनोद कुमार का शव बिश्नाह की नहर में मिला था। पुलिस ने इस केस में सुखविंदर कुमार निवासी समैलपुर, अरुण खजुरिया निवास समैलपुर और बिन्नी कुमार निवासी फतेहपुर सलारिया को गिरफ्तार किया था।

सुखविंदर ने पुलिस जांच में बताया कि मृतक विनोद और वह हेरोइन की कारोबार करते थे। एक दिन दोनों में बहस हुई और उसने विनोद को मार दिया। बाद में मैने अपने दो दोस्तों को बुलाया और वैन में डालकर मृतक को नहर में फेंक दिया।

जज ने तल्ख टिप्पणी करते हुए कहा कि जांच अधिकारियों को एक बात याद रखनी चाहिए कि न्यायपालिका में कानून की देवी की आंखों पर पट्टी बंधी होती है। लेकिन जज अंधा नहीं है। जो अभियोजन के पेश सामग्री को देखने के लिए बैठा है कि क्या सही है और क्या गलत। इस तरह की जांच से ही अपराधियों के हौसले बुलंद होते हैं।
 

सब अफसर कठघरे में खड़े: कोर्ट

कोर्ट ने कहा कि इस मामले की जांच किसी नए जांच अधिकारी को दें। एसएसपी जम्मू को कहा गया है कि वह वह इस मामले की जांच को एसआईटी बनाएं। साथ ही मामले की जांच में इतनी देरी होने की भी जांच करें। साथ ही एक महीने के भीतर मामले की जांच कराएं।

कोर्ट ने कहा कि इस मामले की जांच करने वाले तमाम अफसरों ने इस मामले की जांच लापरवाही की है। शव को बरामद करने से लेकर अब तक जो भी कार्रवाई की गई। उसमें अफसरों ने ड्यूटी सही से नहीं की। दो साल एक हत्या मामले की जांच में लगा दिए और जांच भी घटिया किस्म की की। यदि पुलिस की जांच का यहीं स्टैंडर्ड है तो वो दिन दूर नहीं, जब आम लोगों का पुलिस से विश्वास उठ जाएगा। लोग अपना बदला लेने के लिए कानून को हाथ में ले लेंगे।
 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed