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एसोसिएटेड अस्पतालों में रूटीन सर्जरी बहाल
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जम्मू। जम्मू में कोविड संक्रमण में गिरावट के बाद जीएमसी और एसोसिएटेड अस्पतालों में रूटीन व इलेक्टिव सर्जरी बहाल कर दी गई है। इससे हजारों गैर कोविड मरीजों को राहत मिली है। उन्हें अब सरकारी स्तर पर सस्ती तय दरों पर सर्जरी की सुविधा उपलब्ध हो रही है। इससे पहले कोविड के दौरान उन्हें मजबूरन निजी क्लीनिकों का रुख करना पड़ रहा था। एसोसिएटेड अस्पतालों में विभिन्न विभागों में दैनिक आधार पर 50-60 छोटी बड़ी सर्जरी की जा रही हैं।
जनवरी के मध्य कोविड के बढ़ते मामलों को देखते हुए एसोसिएटेड अस्पतालों में रूटीन और इलेक्टिव सर्जरी को बंद कर दिया गया था। केवल इमरजेंसी और कैंसर मरीजों की सर्जरी ही जारी थी। लेकिन फरवरी की शुरूआत में कोविड मामलों में गिरावट को देखते हुए रूटीन सर्जरी को बहाल कर दिया है। एसोसिएटेड अस्पतालों में सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल में सीटीवीएस में दैनिक तीन से चार, यूरोलाजी में आठ से 10, एसएमजीएस अस्पताल में ईएनटी में छोटी बड़ी 14 से 15, गायनी में आठ से 10, जीएमसी जम्मू में आठ से 10, आरथो में छह से आठ सर्जरी की जाती हैं। जीएमसी के सर्जरी विभाग में सामान्य तौर पर गाल ब्लैडर, पत्थरी, अंतड़ियों में संक्रमण, हर्निया आदि की सर्जरी की जाती है। सरकारी स्तर पर प्रत्येक सर्जरी पर कुछ हजार की खर्च आता है।
जबकि निजी अस्पतालों में भारी भरकम राशि वहन करनी पड़ती है। सरकारी स्तर पर सर्जरी के लिए आयुष्मान गोल्डन कार्ड वरदान साबित हुआ है। इसमें सर्जरी का लगभग खर्च का कार्ड से भुगतान किया जाता है।
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एमसीएच में हो रही कोविड सर्जरी
गांधीनगर स्थित एमसीएच (जच्चा बच्चा) अस्पताल में सभी तरह की कोविड सर्जरी की जा रही हैं। इसमें प्रसव, बाल, आरथो आदि शामिल हैं। साथ ही कोविड मरीजों को उपचार भी दिया जा रहा है। अस्पताल के अधीक्षक डॉ. अरुण शर्मा ने बताया कि अस्पताल में सभी कोविड सर्जरी की जा रही हैं।
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जनवरी के मध्य कोविड के बढ़ते मामलों को देखते हुए एसोसिएटेड अस्पतालों में रूटीन और इलेक्टिव सर्जरी को बंद कर दिया गया था। केवल इमरजेंसी और कैंसर मरीजों की सर्जरी ही जारी थी। लेकिन फरवरी की शुरूआत में कोविड मामलों में गिरावट को देखते हुए रूटीन सर्जरी को बहाल कर दिया है। एसोसिएटेड अस्पतालों में सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल में सीटीवीएस में दैनिक तीन से चार, यूरोलाजी में आठ से 10, एसएमजीएस अस्पताल में ईएनटी में छोटी बड़ी 14 से 15, गायनी में आठ से 10, जीएमसी जम्मू में आठ से 10, आरथो में छह से आठ सर्जरी की जाती हैं। जीएमसी के सर्जरी विभाग में सामान्य तौर पर गाल ब्लैडर, पत्थरी, अंतड़ियों में संक्रमण, हर्निया आदि की सर्जरी की जाती है। सरकारी स्तर पर प्रत्येक सर्जरी पर कुछ हजार की खर्च आता है।
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जबकि निजी अस्पतालों में भारी भरकम राशि वहन करनी पड़ती है। सरकारी स्तर पर सर्जरी के लिए आयुष्मान गोल्डन कार्ड वरदान साबित हुआ है। इसमें सर्जरी का लगभग खर्च का कार्ड से भुगतान किया जाता है।
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एमसीएच में हो रही कोविड सर्जरी
गांधीनगर स्थित एमसीएच (जच्चा बच्चा) अस्पताल में सभी तरह की कोविड सर्जरी की जा रही हैं। इसमें प्रसव, बाल, आरथो आदि शामिल हैं। साथ ही कोविड मरीजों को उपचार भी दिया जा रहा है। अस्पताल के अधीक्षक डॉ. अरुण शर्मा ने बताया कि अस्पताल में सभी कोविड सर्जरी की जा रही हैं।