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ये कैसी काउंसिल, 3 साल में नहीं हुई कोई बैठक

Sat, 14 Feb 2015 10:54 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, जम्मू
ब्यूरो/अमर उजाला, जम्मू Updated Sat, 14 Feb 2015 10:54 PM IST
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governor nn vohra upset from road safety council

स्टेट रोड सेफ्टी काउंसिल के गठन होने के बाद एक भी बैठक न होने पर राज्यपाल ने कड़ा एतराज जताते हुए अधिकारियों को फटकार लगाई। 2012 में बढ़ते हादसों पर अंकुश लगाने के लिए इसका गठन तो कर दिया गया, लेकिन पिछले तीन साल में इसे लेकर एक भी बैठक नहीं हुई।

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नतीजा सबके सामने है। हर साल औसत एक हजार लोग सड़क हादसों में मर रहे हैं और छह हजार लोग हर वर्ष सड़क दुघर्टनाओं में घायल हो रहे हैं। राज्यपाल एनएन वोहरा ने दोनों संभागों के मंडलायुक्तों को निर्देश देते हर महीने जिला स्तर पर रोड सेफ्टी कमेटियों को बैठने करने के लिए कहा है।
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राज्यपाल ने शनिवार को रोड सेफ्टी एक्शन प्लान को मौजूदा वर्ष में मजबूती से लागू करने के लिए बैठक की। इसमें मुख्य सचिव सहित कई बड़े अधिकारियों ने शिरकत की। बैठक में राज्य में बढ़ रहे सड़क हादसों को कम करने पर बल दिया गया। सुरक्षित यातायात के लिए हर संभव कदम उठाने के लिए कहा गया है। इसके लिए हर महीने विभागों को बैठकें करने और बड़े पैमाने पर जागरूक अभियान चलाने के निर्देश दिए गए हैं।
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राज्यपाल ने यह भी कहा कि यातायात नियमों की उल्लंघन करने वालों से वसूल गए जुर्माने का 50 फीसदी पैसा रोड सेफ्टी के लिए इस्तेमाल में लाएं। राज्य के सभी उपायुक्तों को साफ तौर पर कह दिया गया है कि हाईवे और मुख्य सड़कों के किनारे होने वाले अतिक्रमण को तत्काल प्रभाव से हटाएं।

सभी सड़क प्रोजेक्टों को शुरू करने से पहले अतिक्रमण हटाने को महत्वपूर्ण कर दिया गया है। मौजूदा सड़कों की सुरक्षा का आडिट भी वक्त पर कराने के लिए कहा गया है। रोड सेफ्टी को लेकर उठाए जाने वाले कदम के लिए भी वक्त निर्धारित कर दिया गया है।


बचे हुए 30 फीसदी एक्सीडेंट प्रोन एरिया में क्रैश बैरियर 31 मार्च तक इंस्टाल करने, ड्राइविंग स्कूल, इंस्पेक्शन सेंटर और विशेष सर्टिफिकेट के लिए बनाए जाने वाले प्रस्ताव 15 मार्च 2015 तक बनाने, 30 जून 2015 तक सभी ट्रामा सेंटर और क्रिटीकल केयर एंबुलेंस को पूरी तरह से चलाने, सभी तरह के आवेदनों और सुविधाओं को ऑनलाइन करने के लिए 1 अप्रैल 2015, वाहनों में जीपीएस सिस्टम को मई 2015 तक लागू करने के भी निर्देश जारी किए गए हैं।

वहीं अधिकारियों से कहा कि हर महीने एनसीसी, एनएसएस, होम गार्ड, स्काउट एंड गाइड की मदद से जागरूक शिविर आयोजित करने के लिए कहा।

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